कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

अँधियरवा में ठाढ़ गोरी का करलू कबीर भजन / Andhiyarwa Mein Thad Gori Kabir Bhajan

 

अँधियरवा में ठाढ़ गोरी का करलू॥टेक॥
जब लग तेल दिया में बाती, येहि अँजीरवा बिछाय घलतू॥1॥
मन का पलँग सँतोष बिछौना, ज्ञान क तकिया लगाय रखतू॥2॥
जरिगा तेल बुझाय गइ बाती, सुरेति में मुरति समाय रखतू॥3॥
कहै कबीर सुनो भाइ साधो, जोतिया में जोतिया मिलाय रखतू॥4॥


0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *