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बासरी बजाय आज रंगसो मुरारी सूरदास भजन / Basari Bajai Aaj Rangsao Murari Surdas Bhajan

 

बासरी बजाय आज रंगसो मुरारी ।
शिव समाधि भूलि गयी मुनि मनकी तारी ॥ बा०॥ध्रु०॥
बेद भनत ब्रह्मा भुले भूले ब्रह्मचरी ।
सुनतही आनंद भयो लगी है करारी ॥ बास०॥१॥
रंभा सब ताल चूकी भूमी नृत्य कारी ।
यमुना जल उलटी बहे सुधि ना सम्हारी ॥ बा०॥२॥
श्रीवृंदावन बन्सी बजी तीन लोक प्यारी ।
ग्वाल बाल मगन भयी व्रजकी सब नारी ॥ बा०॥३॥
सुंदर श्याम मोहन मुरती नटबर वपुधारी ।
सूरकिशोर मदन मोहन चरण कमल बलिहारी ॥ बास०॥४॥


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