दूलह राम सीय दुलही री भजन / Bhajan Dulah Ram Siya Dulhi Ri Bhajan दिसंबर 17, 2024 | No Comments | दूलह राम, सीय दुलही री ।घन दामिनि बर बरन हरन मन ।सुन्दरता नख सिख निबही री ॥तुलसीदास जोरी देखत सुख ।सोभा अतुल न जात कही री ॥रूप रासि विरचि बिरंचि मनु ।सिला लमनि रति काम लही री ॥ Share This: Facebook Twitter Google+ Stumble Digg bhajan, bhajan lyrics, bhajan lyrics in hindi, bhajan sangrah, bhajan-pad-mishrit, prasidh bhajan इसे ईमेल करेंइसे ब्लॉग करें! X पर शेयर करेंFacebook पर शेयर करें
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