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प्रभु को बिसार भजन / Bhajan Prabhu Ko Visar Bhajan

 

प्रभु को बिसार किसकी आराधना करूं मैं .
पा कल्पतरु किसीसे क्या याचना करूं मैं ..
मोती मिला मुझे जब मानस के मानसर में .
कंकड़ बटोरने की क्यों चाहना करूं मैं ..
मुझको प्रकाश प्रतिपल आनंद आंतरिक है .
जग के क्षणिक सुखों की क्या कामना करूं मैं .. 

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