कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

भजो रे मन राम-नाम भजन / Bhajo Re Man Ram-Naam Bhajan

 

भजो रे मन, राम-नाम सुखदाई॥
राम-नामके दो अक्षरमें, सब सुख शान्ति समाई॥ भजो०॥१॥
रामको नाम लेत मुखसे, भवसागर तर जाई॥ भजो०॥२॥
राम-नाम भज ले मन मूरख, बनत-बनत बन जाई॥भजो०॥३॥
राम-नामके कारण बन गई, पागल मीरा बाई॥भजो०॥४॥
गणिका गिध्द अजामिल तारे, तारे सदन कसाई॥भजो०॥५॥
जूठे बेरनमें शबरीके, भर गई कौन मिठाई॥भजो०॥६॥
मीठे समझके ना प्रभु खाये,प्रेमकी थी अधिकाई॥भजो०॥७॥ 

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *