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दिय भक्ति के दान जगदम्बे हम जेबै कतइ हे अम्बे / Diya bhakti ke daan Jagadambe hum jebai katay he Ambe - विद्यापति

दिय भक्ति के दान जगदम्बे हम जेबै कतइ हे अम्बे
पुत्र गलती अनेको करै छई ओकरा माता ने एकौ धरै छै
दिय-दिय सहारा हे अम्बे हम जेबइ करइ हे अम्बे
दिय भक्ति के दान जगदम्बे हम जेबै कतइ हे अम्बे
नैया डुबल छै बीच भँवर में
हमरा शक्ति नहि छै कमर में
दिय-दिय सहारा हे अम्बे हम जेबइ करइ हे अम्बे
दैरल-दैरल अयलऊँ हे अम्बे
करिमऊ हमरा माफ हे जगदम्बे
दिय भक्ति के दान जगदम्बे हम जेबै कतइ हे अम्बे

यहाँ पढ़ें – विद्यापति का साहित्य / जीवन परिचय एवं अन्य रचनाएं
 

 

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