कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

हिंडोले झूलत दोऊ सरकार बिन्दु जी भजन

 Hindole Jhoolat Dou Sarkar Bindu JiBhajan

हिंडोले झूलत दोऊ सरकार
श्री मिथिलेश लली संग राजत श्री अवधेश कुमार।
दामिनि गरजि गरजि घन बरसत रिमझिम पड़त फुहार॥
झुकि झुकि लाल लली मुख निरखत मानत मोद अपार।
मानहुँ अरुण ‘बिन्दु’ पंकज पर भ्रमत भ्रमर बहुबार॥ 

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *