कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

इधर लली है उधर श्याम लला होली में बिन्दु जी भजन

  Idhar Lali Hai UdharShyam Lala Holi Mein Bindu Ji Bhajan / Bhajan

इधर लली है, उधर श्याम लला!! होली में।
देखो दोनों क्या रंग दिखाते हैं होली में।
नज़र चुटकियाँ दौड़ती हैं दोनों की अगर-
न जाने किसका हृदय किसने छुआ होली में।
ये ज़िद पड़ी कि पीछे हटाए कौन किसे,
मुकाबला ये दोनों का भला कैसा हो होली में।
कभी जुदा कभी एक है, दोनों का स्वरूप,
ये श्याम गौर की प्यारी है कला होली में।
किसी की कोई हार जीत जो देखी नहीं वहाँ,
तो ‘बिन्दु’ दोनों पै दिल हार चला होली में॥ 

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *