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काहू जोगीकी नजर लागी है सूरदास भजन / Kahu Jogiki Nazar Lagi Hai Surdas Bhajan

 

काहू जोगीकी नजर लागी है मेरो कुंवर । कन्हिया रोवे ॥ध्रु०॥
घर घर हात दिखावे जशोदा दूध पीवे नहि सोवे ।
चारो डांडी सरल सुंदर । पलनेमें जु झुलावे ॥मे०॥१॥
मेरी गली तुम छिन मति आवो । अलख अलख मुख बोले ।
राई लवण उतारे यशोदा सुरप्रभूको सुवावे ॥मे०॥२॥ 

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