कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

कोई कहियौ रे प्रभु आवनकी मीराबाई भजन Koi Kahiye Re Prabhu Aavanki Mirabai Bhajan

 

कोई कहियौ रे प्रभु आवनकी
आवनकी मनभावन की।

आप न आवै लिख नहिं भेजै
बाण पड़ी ललचावनकी।

ए दो नैण कह्यो नहिं मानै
नदियां बहै जैसे सावन की।

कहा करूं कछु नहिं बस मेरो
पांख नहीं उड़ जावनकी।

मीरा कहै प्रभु कब रे मिलोगे
चेरी भै हूं तेरे दांवनकी।  

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *