कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

तरुणि बयस मोही बीतल सजनी गे / Taruni bayas mohi beetal sajani ge Vidyapati

तरुणि बयस मोही बीतल सजनी गे
पहुँ बीसरल मोहि नामे
कुसुम फूलि-फूलि मौललि सजनी गे
भमरा लेल
बिश्रा में
चानन बुझि हम रोपल सजनि गे
हिरदय कोरि थल देल
नयनहुँ नीर पटाओल सजनी गे
आखिर सिम्मर भेल

यहाँ पढ़ें – विद्यापति का साहित्य / जीवन परिचय एवं अन्य रचनाएं
 

 

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *