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या तन तपन परै दिन रैन संत जूड़ीराम भजन / Ya Tan Tapan Pare Din Rain Sant Joodiram Bhajan

 

या तन तपन परै दिन रैन, बुझत नहीं बिन गुरु की सैन।
सतगुरु शब्द कीनो प्रकाश, जागो बृम भई कर्म नास।
जाय निरख तन गयो दुख, जुग-जुग बाड़त अपार सुख।
या तन पाय छोड़ झनकार, सिर पर उनहीं काल की धार।
हर नाम सुमर के लगो तीर, खोवो नहिं विरथा सरीर।
चेत-चेत दिल मंह देख, एक वृभ घट-घट विशेष।
समझ विचार करो संबंध, जूड़ीराम गुरु चरन बंद।





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