कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

पैसा ऐसी चीज राजा घरै नहीं आवैं | Paisa Aise Cheez Raja Awadhi Lokgeet Lyrics

 पैसा ऐसी चीज राजा घरै नहीं आवैं


कि अरे महला पुराने होई गें

टपकन लगी बूँद, राजा घरै नहीं आवैं


कि अरे ननदी सयानी होई गईं

मानै नहीं बात, राजा घरै नहीं आवें


कि अरे देवरा सयाने होई गें

पकड़न लगे बांह, घरै नहीं आवैं


कि अरे हमहूँ पुरानी होई गईं

पाकन लगे बार, राजा घरै नहीं आवैं



0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *