कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

पितर नेवतौनी भोजपुरी गीत लोकगीत Pitar Nevtani Geet Bhojpuri Lokgeet Lyrics

 ये सरगऽ में बसेले बर्हम बाबाऽ, उन्हउ के नेवतबि।

ये सरगऽ में बसेले महादेव बाबाऽ, उन्हउ के नेवतबि।


इसी तरह ठाकुर बाबा, सुरुज, खिरलिच, काली, दुर्गा, चन्द्रमा, अछैबट सभी देवता एवं उनकी पत्नी देवी का और सभी कीड़ों-मकोड़ों का भी आवाहन किया जाता है।


दुआरी छेंकौनी गीत

छोड़ीं-छोड़ीं सखी सबे रोकल दुआर हे

मोर दुलहा बाड़े लड़िका नादान हे।

अहिरा के जात हंउअन बोली पतिशाह हे

कइसे में छोड़ीं सखी रोकल दुआर हे

तोर दुलहा बाड़े सखी लड़िका नादान हे।


दुल्हे का उत्तर

अहिरा के जात हईं बोली पतिशाह रे

काहे के बाबा तोर गइले पूजन रे।

काहे के भइया तोर गइले बोलावे रे।


0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *