कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

Bachpan Har Gham Se Begana Hota Hai – Emotional Composition (बचपन हर ग़म )

 बचपन हर ग़म से बेगाना होता है

बचपन हर ग़म ...


कोई फ़िक़्र न चिन्ता मस्ती का आलम

जीवन खेल सा लगता है

सुख मिलते हैं राहों में फिर के

घर तो जेल सा लगता है

हो इसी उमर में ख़ुशियों का ख़ज़ाना होता है

बचपन हर ग़म ...


हम ढूँढते हैं जीवन भर वो ख़ुशियाँ

बचपन में जो पाते हैं

वो हँसते हुए दिन गाती वो रातें

लौट कर फिर नहीं आते हैं

हो यादों के साए में वक़्त बिताना होता है

बचपन हर ग़म ...

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *