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सब कुछ सीखा हमने ना सीखी होशियारी / Sab Kuchh Sikha Humne Na Sikhi Hoshiyaari

 सब कुछ सीखा हमने ना सीखी होशियारी

सच है दुनियावालों कि हम हैं अनाड़ी


दुनिया ने कितना समझाया

कौन है अपना कौन पराया

फिर भी दिल की चोट छुपा कर

हमने आपका दिल बहलाया

खुद पे मर मिटने की ये ज़िद थी हमारी

सच है दुनियावालों कि हम हैं अनाड़ी


असली नकली चेहरे देखे

दिल पे सौ सौ पहरे देखे

मेरे दुखते दिल से पूछो

क्या क्या ख्वाब सुनहरे देखे

टूटा जिस तारे पे नज़र थी हमारी

सच है दुनियावालों कि हम हैं अनाड़ी


दिल का चमन उजड़ते देखा

प्यार का रंग उतरते देखा

हमने हर जीने वाले को

धन दौलत पे मरते देखा

दिल पे मरने वाले मरेंगे भिखारी

सच है दुनियावालों कि हम हैं अनाड़ी

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