कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

Sukh Dukh Dono Rehte Lyrics – सुख दुःख दोनों रहते जिसमें

 सुख दुःख दोनों रहते जिसमें, जीवन है वो गाँव

कभी धूप कभी छाँव, कभी धूप तो कभी छाँव


भले भी दिन आते जगत में, बुरे भी दिन आते

कड़वे मीठे फल करम के यहाँ सभी पाते

कभी सीधे कभी उल्टे पड़ते अजब समय के पाँव

कभी धूप कभी छाँव, कभी धूप तो कभी छाँव

सुख दुःख दोनों रहते जिसमें, जीवन है वो गाँव


क्या खुशियाँ क्या गम, यह सब मिलते बारी बारी

मालिक की मर्ज़ी पे चलती यह दुनिया सारी

ध्यान से खेना जग नदिया में बन्दे अपनी नाव

कभी धूप कभी छाँव, कभी धूप तो कभी छाँव

सुख दुःख दोनों रहते जिसमें, जीवन है वो गाँव


0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *