कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

आरती मल्लिनाथ जी – Mallinath Ji Aarti Lyrics in Hindi

आरती मल्लिनाथ जी

मिथिला नगरी में जन्मे उन्नीसवें तीर्थंकर श्री मल्लिनाथ भगवान की यह छोटी मगर बेहद मधुर आरती है, जिसे गाना और याद रखना दोनों आसान है।

मल्लिनाथ प्रभु की आरती कीजे,
पंचम गति का निज सुख लीजे २

मिथिला नगरी जन्मे स्वामी २
प्रजावती माँ हैं जगनामी २

मल्लिनाथ प्रभु की आरती कीजे,
पंचम गति का निज सुख लीजे २

कुम्भराज पितु तुम सम शिशु पा २
कहलाये सचमुच रत्नाकर २

मल्लिनाथ प्रभु की आरती कीजे,
पंचम गति का निज सुख लीजे २

मगशिर सुदी ग्यआरस तिथि प्यारी २
जन्मे त्रिभुवन में उजियारी २

मल्लिनाथ प्रभु की आरती कीजे,
पंचम गति का निज सुख लीजे २

जन्म तिथि में ली प्रभु दीक्षा २
कहलाये प्रभु कर्म विजेता २

मल्लिनाथ प्रभु की आरती कीजे,
पंचम गति का निज सुख लीजे २

जैन आरती संग्रह की सभी आरतियाँ यहाँ पढ़ें: जैन आरती संग्रह (सम्पूर्ण सूची)

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *