आरती मल्लिनाथ जी – Mallinath Ji Aarti Lyrics in Hindi

आरती मल्लिनाथ जी

मिथिला नगरी में जन्मे उन्नीसवें तीर्थंकर श्री मल्लिनाथ भगवान की यह छोटी मगर बेहद मधुर आरती है, जिसे गाना और याद रखना दोनों आसान है।

मल्लिनाथ प्रभु की आरती कीजे,
पंचम गति का निज सुख लीजे २

मिथिला नगरी जन्मे स्वामी २
प्रजावती माँ हैं जगनामी २

मल्लिनाथ प्रभु की आरती कीजे,
पंचम गति का निज सुख लीजे २

कुम्भराज पितु तुम सम शिशु पा २
कहलाये सचमुच रत्नाकर २

मल्लिनाथ प्रभु की आरती कीजे,
पंचम गति का निज सुख लीजे २

मगशिर सुदी ग्यआरस तिथि प्यारी २
जन्मे त्रिभुवन में उजियारी २

मल्लिनाथ प्रभु की आरती कीजे,
पंचम गति का निज सुख लीजे २

जन्म तिथि में ली प्रभु दीक्षा २
कहलाये प्रभु कर्म विजेता २

मल्लिनाथ प्रभु की आरती कीजे,
पंचम गति का निज सुख लीजे २

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