आरती-नेमिनाथ जी – Neminath Ji Aarti Lyrics in Hindi

आरती-नेमिनाथ जी

बाईसवें तीर्थंकर श्री नेमिनाथ भगवान की यह आरती उनकी दिव्यध्वनि और समवशरण की महिमा का बड़ा ही भावपूर्ण वर्णन करती है।

जय नेमीनाथ स्वामी, प्रभु जय नेमीनाथ स्वामी
जय नेमीनाथ स्वामी, प्रभु जय नेमीनाथ स्वामी

तुम हो भव दधि तारक प्रभु जी, तुम हो भव दधि तारक प्रभु जी ।
अन्तर के यामि स्वामी, जय नेमीनाथ स्वामी ०

समवशरण में आप विराजे, समवशरण में आप विराजे ।
खिरे मधुर वाणी स्वामी, जय नेमीनाथ स्वामी ०

सुन भवि परम तत्व को पावत, सुन भवि परम तत्व को पावत ।
सुख सम्यक ज्ञानी स्वामी, जय नेमीनाथ स्वामी ०

यक्ष यक्षिणी चंवर ढोरते, यक्ष यक्षिणी चंवर ढोरते ।
महिमा अब जानी स्वामी, जय नेमीनाथ स्वामी ०

तीन छत्र सिर पर तुम सोहे, तीन छत्र सिर पर तुम सोहे ।
ध्यावत मुनि ध्यानी स्वामी, जय नेमीनाथ स्वामी ०

जय नेमीनाथ स्वामी, प्रभु जय नेमीनाथ स्वामी

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