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मुकेश बागड़ा के भजन लिरिक्स : Mukesh Bagda Bhajan Lyrics 4

याद में तेरी कब से मेरा दिल रो रहा है लिरिक्स

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ओ कान्हा रे आजा रे
मुझे कुछ हो रहा है
कहाँ तू सो रहा है
याद में तेरी कब से
मेरा दिल रो रहा है
ओ कान्हां रे आजा रे
ओ कान्हां रे आजा रे।।

लाख बुलाया तुझको मोहन
लेकिन तू ना आया
आखिर तेरे दर्शन को
ये दिल मेरा भर आया
कभी मुस्काना तेरा
हमें तड़पाना तेरा
नैनो से नैन मिलाकर
कभी इतराना तेरा
बहुत याद आ रहा है
बड़ा तरसा रहा है
ओ कान्हां रे आजा रे
ओ कान्हां रे आजा रे।।

सूनी आंखे पल पल कान्हा
तेरी राह निहारे
इन नैनो की प्यास बुझाने
जल्दी से तू आ रे
चांद का टुकड़ा जैसे
तेरा ये मुखड़ा जैसे
संवरना ऐसे तेरा
सजा हो बनड़ा जैसे
बहुत याद आ रहा है
सितम सा ढा रहा है
ओ कान्हां रे आजा रे
ओ कान्हां रे आजा रे।।

आज अगर तुम ना आओगे
होगी लोग हसाई
‘हर्ष’ ज़माने भर में होगी
आज तेरी रुसवाई
तेरा चोरी से आना
तेरा माखन चुराना
कदम के नीचे कान्हा
तेरा मुरली बजाना
बहुत याद आ रहा है
सताये जा रहा है
ओ कान्हां रे आजा रे
ओ कान्हां रे आजा रे।।

ओ कान्हा रे आजा रे
मुझे कुछ हो रहा है
कहाँ तू सो रहा है
याद में तेरी कब से
मेरा दिल रो रहा है
ओ कान्हां रे आजा रे
ओ कान्हां रे आजा रे।।



मैं तेरा दास हो गया भजन लिरिक्स

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कान्हा ओ कान्हा तेरा दीवाना
आ गया बाबा अब तेरे धाम
तू सुने ना सुने तेरा काम
मैं तेरा दास हो गया
मै तेरा दास हो गया
कान्हा ओ कान्हा तेरा दीवाना।।

दूजा ना कोई जग में हमारा
रोते हुए मैंने तुझको पुकारा
नैया का मेरी तू ही किनारा
हारे को बाबा दे दो सहारा
आके संभालो मुझको हे दाता
रखले तू अब मुझे तेरे पास
मै तेरा दास हो गया
कान्हा ओ कान्हा तेरा दीवाना।।

मेरा ये जीवन तू ही संभाले
बीच भवर से तू ही निकाले
डूब रहा हूँ मुझको बचा ले
चरणों में तेरे मुझको बिठा ले
दीनो के दाता हारे के साथी
ऐसे ना कर मुझे तू निराश
मै तेरा दास हो गया
कान्हा ओ कान्हा तेरा दीवाना।।

सेवक तेरे दर पे खड़ा है
बालक तेरा ज़िद पे अड़ा है
‘हर्ष’ तुम्हारा नाम बड़ा है
मुझको तुमसे काम पड़ा है
तू ना सुने तो कौन सुनेगा
कर ज़रा पूरी तू मेरी आस
मै तेरा दास हो गया
कान्हा ओ कान्हा तेरा दीवाना।।

कान्हा ओ कान्हा तेरा दीवाना
आ गया बाबा अब तेरे धाम
तू सुने ना सुने तेरा काम
मैं तेरा दास हो गया
मै तेरा दास हो गया
कान्हा ओ कान्हा तेरा दीवाना।।



किस्मत में मेरी लिख दे एक बात सांवरे लिरिक्स

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किस्मत में मेरी लिख दे
एक बात सांवरे
रहे जन्म जन्म तक
तेरा मेरा साथ सांवरे।।

परिवार मिले मुझे ऐसा
जो तेरी महिमा गाए
औलाद मिले मुझे ऐसी
जो तेरे भजन सुनाये
मुझे रोज सवेरे हो
तेरा दीदार सांवरे
रहे जन्म जन्म तक
तेरा मेरा साथ सांवरे।।

ना सोना चांदी मांगू
ना मांगू हीरे मोती
बस साथ रहे ये अपना
तू रहे हमेशा साथी
तू हाथ में अपना लेले
मेरा हाथ सांवरे
रहे जन्म जन्म तक
तेरा मेरा साथ सांवरे।।

हर ग्यारस खाटू आऊं
तेरे मीठे भजन सुनाऊं
करके दर्शन मैं तेरा
तेरे चरणों में खो जाऊं
भक्तो की पूरी करदे
तू आस सांवरे
रहे जन्म जन्म तक
तेरा मेरा साथ सांवरे।।

ओ शीश के वरदानी
तेरी सच्ची अमर कहानी
जो तेरे दर पे आया
तूने बेड़ा पार लगाया
ओ खाटू वाले सांवरिया
तेरी जय हो सांवरे
रहे जन्म जन्म तक
तेरा मेरा साथ सांवरे।।

किस्मत में मेरी लिख दे
एक बात सांवरे
रहे जन्म जन्म तक
तेरा मेरा साथ सांवरे।।



मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे भजन लिरिक्स

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मेरे सिर पे सदा तेरा हाथ रहे
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे
मेरे सिर पे सदा तेरा हाथ रहे।।

मैं तो जन्मों से तेरा दीवाना हूँ
तेरी किरपा से मैं अनजाना हूँ
मेरी झोली में ये तेरी सौगात रहे
मेरा साँवरा हमेशा मेरे साथ रहे
मेरे सिर पे सदा तेरा हाथ रहे।।

तेरी किरपा जो मुझपे हो जाएगी
मेरी करनी को बाबा धो जाएगी
तेरे छोटे से दीवाने की ये बात रहे
मेरा साँवरा हमेशा मेरे साथ रहे
मेरे सिर पे सदा तेरा हाथ रहे।।

मेरी मुश्किल का हल हो जाएगा
मेरा जीवन सफल हो जाएगा
‘हर्ष’ अपनी यूँ होती मुलाकात रहे
मेरा साँवरा हमेशा मेरे साथ रहे
मेरे सिर पे सदा तेरा हाथ रहे।।

मेरे सिर पे सदा तेरा हाथ रहे
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे
मेरे सिर पे सदा तेरा हाथ रहे।।



मन में जप श्री राम रे बन्दे रोज सुबह और शाम लिरिक्स

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मन में जप श्री राम रे बन्दे
रोज सुबह और शाम
ये हनुमत का कहना
ले ले जो ये नाम प्रभु जी
उसके बनाए काम
ये हनुमत का कहना।।

शबरी की भक्ति न्यारी
तरसे दरश को बेचारी
राम खुद ही आ गए-२
देख मनुहार को
शबरी के प्यार को
झूठे बेर खा गए-२
जपति जपति राम राम वो
वो पहुंची उनके धाम
ये हनुमत का कहना
मन में जप श्री राम रे बन्दें
रोज सुबह और शाम
ये हनुमत का कहना।।

नल नील दोनों भाई
ऐसी एक शक्ति पाई
करिश्मा दिखा दिया-२
पत्थर थे भारी अजूबे
फेंके पानी में ना डूबे
पुल ही बना दिया-२
रहे पत्थर ना वो आम
की उनपे लिख दिया था श्रीराम
ये हनुमत का कहना
मन में जप श्री राम रे बन्दें
रोज सुबह और शाम
ये हनुमत का कहना।।

विभीषण का भाग्य जगाया
सुग्रीव मित्र बनाया
ये तो सभी जाने है-२
नाम की महिमा भारी
राम की है महिमा सारी
देव भी ये माने है-२
सौंप दे जीवन आज के ‘पन्ना’
गिरे तो ले तुझे थाम

ये हनुमत का कहना
मन में जप श्री राम रे बन्दें
रोज सुबह और शाम
ये हनुमत का कहना।।

मन में जप श्री राम रे बन्दे
रोज सुबह और शाम
ये हनुमत का कहना
ले ले जो ये नाम प्रभु जी
उसके बनाए काम
ये हनुमत का कहना।।

होली खेलन देखो आयो रे आयो बांके बिहारी लिरिक्स

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होली खेलन देखो आयो रे
आयो बांके बिहारी
बांके बिहारी मेरो सांवरो बिहारी
फागण को महीनो आयो रे
आयो छलियो बिहारी
होली खेलण देखो आयो रे
आयो बांके बिहारी।।

कुञ्ज गलिन में शोर मच्यो है
बिच बजारा श्याम खड़ो है
संग में लोग लुगाई रे
आयो बांके बिहारी
होली खेलण देखो आयो रे
आयो बांके बिहारी।।

राधे भी सुनकर दौड़ी दौड़ी आई
सब सखियन को संग में लाई
ब्रज में धमाल मचाई रे
आयो बांके बिहारी
होली खेलण देखो आयो रे
आयो बांके बिहारी।।

कान्हा ने रंग की भर पिचकारी
राधा के गोरे तन पर मारी
सारी चुनरिया भिगोई रे
आयो बांके बिहारी
होली खेलण देखो आयो रे
आयो बांके बिहारी।।

राधा ने ‘अमन’ जो रंग लगाया
कान्हा ने उसको अंग लगाया
राधे तो शरमाई रे

आयो बांके बिहारी
होली खेलण देखो आयो रे
आयो बांके बिहारी।।

होली खेलन देखो आयो रे
आयो बांके बिहारी
बांके बिहारी मेरो सांवरो बिहारी
फागण को महीनो आयो रे
आयो छलियो बिहारी
होली खेलण देखो आयो रे
आयो बांके बिहारी।।



ऐसो दातार कठे देख्यो ना सुण्यो जी भजन लिरिक्स

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ऐसो दातार कठे देख्यो ना सुण्यो जी
शरण पड्या को बाबा काम बनावे जी
आने जो ध्यावे वो तो मौज उड़ावे जी
ऐसो दातार कठे देख्यों ना सुण्यो जी।।

निज भगतां पर भीड़ पड़े तो
झट से उबारे म्हारो श्याम धणी
दर आये की आस पुरावे
दर पे जो लेके आवे आस घणी
दर पे जो लेके आवे आस घणी
ऐसो दातार कठे देख्यों ना सुण्यो जी।।

आंधणिया ने आंख्या देवे
पांगलिया ने देवे टांगड़ली
निरधनियाँ ने दौलत देवे
बेटो पावे अठे बांझणली
बेटो पावे अठे बांझणली
ऐसो दातार कठे देख्यों ना सुण्यो जी।।

बिन बोल्यां ही निज भगतां की
पीर पिछाणै म्हारो सांवरियो
‘हर्ष’ सुमिर ले कान्हूड़े ने
घर भर देसी तेरो नटवरियो
घर भर देसी तेरो नटवरियो
ऐसो दातार कठे देख्यों ना सुण्यो जी।।

ऐसो दातार कठे देख्यो ना सुण्यो जी
शरण पड्या को बाबा काम बनावे जी
आने जो ध्यावे वो तो मौज उड़ावे जी
ऐसो दातार कठे देख्यों ना सुण्यो जी।।

मेरे खाटू वाले बाबा के दरबार में भक्त जो आते है लिरिक्स

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मेरे खाटू वाले बाबा के
दरबार में भक्त जो आते है
वो मन इच्छा फल पाते है
और भवसागर तर जाते है
मेरे खाटू वालें बाबा के
जय श्याम जय श्याम
जय श्याम जय श्याम
जय श्री श्याम।।

सब कष्ट दूर हो जाते है
सब दुखो को हर लेते है
मेरे श्याम दयालु है ऐसे
तन मन को निर्मल करते है
सच्चे मन से जो ध्याता है
वो दौड़े दौड़े आते है
वो मन इच्छा फल पाते है
और भवसागर तर जाते है
मेरे खाटू वालें बाबा के
जय श्याम जय श्याम
जय श्याम जय श्याम
जय श्री श्याम।।

गर जीवन सफल बनाना है
तो श्याम की लगन लगाले तू
इस मन के दर्पण में प्राणी
उस श्याम प्रभु को बसा ले तू
फिर करने पार तेरी नैया
वो माझी बनकर आते है
वो मन इच्छा फल पाते है
और भवसागर तर जाते है
मेरे खाटू वालें बाबा के
जय श्याम जय श्याम
जय श्याम जय श्याम
जय श्री श्याम।।

मतलब की है दुनिया सारी
मतलब के सारे नाते है
जब विपदा आन पड़े कोई
तब श्याम बचाने आते है
कहता है ‘अमन’ हर दुखियों को
मेरे श्याम प्रभु अपनाते है
वो मन इच्छा फल पाते है
और भवसागर तर जाते है
मेरे खाटू वालें बाबा के
जय श्याम जय श्याम
जय श्याम जय श्याम
जय श्री श्याम।।

मेरे खाटू वाले बाबा के
दरबार में भक्त जो आते है
वो मन इच्छा फल पाते है
और भवसागर तर जाते है
मेरे खाटू वालें बाबा के
जय श्याम जय श्याम
जय श्याम जय श्याम
जय श्री श्याम।।

बालाजी को सुमिरन कर ले भजन लिरिक्स

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बालाजी को सुमिरन कर ले
तो काम थारो हो जासी
भक्ति को जोर लगा ले रे
वरना पाछे पछतासी
बालाजी को सुमिरण कर ले
तो काम थारो हो जासी।।

तू तो मस्ती में खोयो रे
तू तो जी भर के सोयो रे
थारो काम नहीं होयो रे
पक्को जोर तू नाही लगायो
भक्ति को तू जोर लगा ले
थोड़ी मजबूती तो ल्या रे
नहीं तो यमड़ो जूता मारे
वो तो पुछेलो के ल्यायो
कर ले तू बाला से यारी
थारी टल जासी रे फांसी
थारी टल जासी रे फांसी
बालाजी को सुमिरण कर ले
तो काम थारो हो जासी।।

के है बेटो के है नारी
के कर लेसी रिश्तेदारी
झूठी दुनियादारी सारी
भाया कोई नहीं है थारो
थारी कोठ्या महल अटारी
रह जासी रे अठै ही सारी
कर ले आगे की तैयारी
तेने ले जासी बिणजारो
बस नाम सहारो ही सांचो
परलोक में काम वो आसी
परलोक में काम वो आसी
बालाजी को सुमिरण कर ले
तो काम थारो हो जासी।।

बालाजी को सुमिरन कर ले
तो काम थारो हो जासी
भक्ति को जोर लगा ले रे
वरना पाछे पछतासी
बालाजी को सुमिरण कर ले
तो काम थारो हो जासी।।

गायक – मुकेश बागड़ा जी।

तेरी खाली झोली भर देगी तू माँ को मना ले लिरिक्स

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तेरा दाम लगे ना कोड़ी
माँ के नाम को ध्याले
तेरी खाली झोली भर देगी
तू माँ को मना ले।।

दुःख जीवन के माँ सारे
पलभर में दूर भगाए
जन्मों जन्मों से सोती
किस्मत के भाग्य जगाए
माँ नाम का जीवन में
गुणगान तू गा ले
तेरी खाली झोंली भर देगी
तू माँ को मना ले।।

कलयुग में नाम ही माँ का
सारी दुनिया को है तारे
तेरा नाम जो ध्याले दो पल
तेरे बन जाते वो प्यारे
पापी मन में मैया की
तू मूरत को बसा ले
तेरी खाली झोंली भर देगी
तू माँ को मना ले।।

जब तेरा ना हो सहारा
ना फिर तू मारा मारा
मैया का नाम ही देगा
तुझे तुफानों में किनारा
तेरा तन मन ये
मैया रानी के रंग में रंगा ले
तेरी खाली झोंली भर देगी
तू माँ को मना ले।।

मैया का नाम है ऐसा
हर पल ही साथ निभाए
तेरे नाम की जिसको लगन हो
उसे दुःख ना कोई सताए
तू चरणों में मैया के
धोड़ा ध्यान लगा ले
तेरी खाली झोंली भर देगी
तू माँ को मना ले।।

तेरा दाम लगे ना कोड़ी
माँ के नाम को ध्याले
तेरी खाली झोली भर देगी
तू माँ को मना ले।।

म्हारा सालासर का बाला ओ जी अंजनी माँ का लाला लिरिक्स

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म्हारा सालासर का बाला
ओ जी अंजनी माँ का लाला
मने घणो ही प्यारो
लागे थारो धाम जी
थारी मूरतिया मन भाई
आंख्या तरसे दर्शन ताई
मैं तो रटता आवा
बाबा थारो नाम जी।।


चमचम चमचम चंदा जेहड़ो
थारो मुखड़ो चमके
जगमग जगमग ज्योत जले
सारो मंदिर यो दमके
माला गले में महके जी
पगा में घुंघरू सोहे है जी
छमछम बाजण वाला
म्हारां सालासर का बाला
ओ जी अंजनी माँ का लाला
मने घणो ही प्यारो
लागे थारो धाम जी।।

जय हनुमान ज्ञान गुण सागर
जय विक्रम बजरंगी
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर
जय हनुमान अढ़ंगी
सालासर का राजा जी
रटता आवा म्हे बालाजी
थारा नाम की माला
म्हारां सालासर का बाला
ओ जी अंजनी माँ का लाला
मने घणो ही प्यारो
लागे थारो धाम जी।।

केसरिया बागा में बाबा
लागो हो थे प्यारा
थारी किरपा रा मंदिर में
देख्या खूब नजारा
‘बागड़ा’ था सु अरज करे
हो ना जाइजो म्हासु बेखबर
बालाजी मतवाला

म्हारां सालासर का बाला
ओ जी अंजनी माँ का लाला
मने घणो ही प्यारो
लागे थारो धाम जी।।

म्हारा सालासर का बाला
ओ जी अंजनी माँ का लाला
मने घणो ही प्यारो
लागे थारो धाम जी
थारी मूरतिया मन भाई
आंख्या तरसे दर्शन ताई
मैं तो रटता आवा
बाबा थारो नाम जी।।

थे हो राम नाम मस्ताना मैं हूँ थारा घणा दीवाना लिरिक्स

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थे हो राम नाम मस्ताना
मैं हूँ थारा घणा दीवाना
ओ बालाजी थारा चरणा
में है म्हारा ठिकाना जी
थे हों राम नाम मस्ताना
मैं हूँ थारा घणा दीवाना।।


ना मांगू मैं चांदी सोना
ना मांगू बंगला थारा
देना है तो ओ बालाजी
दे दे रे दर्शन थारा
थारा दर्शन पाया सु ही
सुधरे म्हारा जमाना जी
थे हों राम नाम मस्ताना
मैं हूँ थारा घणा दीवाना।।

ओ सालासर वाला तू तो
मोहन जी ने दरश दियो
मैं क्यों थारा दर्शन ताई
ओ बालाजी तरस गयो
म्हारी भक्ति सु ओ बाबा
क्यों रह गया अनजाना जी
थे हों राम नाम मस्ताना
मैं हूँ थारा घणा दीवाना।।

राम नाम की भजे तू माला
मैं थारा गुणगान करूँ
ओ बालाजी आठ पहर बस
मैं थारो ही ध्यान धरूँ
ले ल्यो आज परीक्षा बाबा
म्हारी प्रीत पिछाणो जी
थे हों राम नाम मस्ताना
मैं हूँ थारा घणा दीवाना।।

क्यों हो रया हो जी थे बेखबर
म्हासु दयालु बालाजी
थे जो आओ सामे तो मैं
छाती चिर दिखाद्या जी
कहे ‘बागड़ा’ ओ बालाजी
थासु के है छाना जी

थे हों राम नाम मस्ताना
मैं हूँ थारा घणा दीवाना।।

थे हो राम नाम मस्ताना
मैं हूँ थारा घणा दीवाना
ओ बालाजी थारा चरणा
में है म्हारा ठिकाना जी
थे हों राम नाम मस्ताना
मैं हूँ थारा घणा दीवाना।।

मेट देती दवा दर्द तलवार का चेतावनी भजन लिरिक्स

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मेट देती दवा दर्द तलवार का
घाव बोली का फिर भी ना भरता कभी।

दोहा – तोल जरा ऐ मेरे साथी
मुखड़ा पीछे खोल रे
मिश्री बनके कान में
तू प्यारे अमृत घोल रे।

मेट देती दवा दर्द तलवार का
घाव बोली का फिर भी ना भरता कभी
हाथ की चोट को भूल जाए कोई
बात की चोट को भूल सकता नहीं
मेट देतीं दवा दर्द तलवार का
घाव बोली का फिर भी ना भरता कभी।।


पूत अंधे का जब द्रोपदी ने कहा
कौरवों के दिल में कटारी लगी
सबके होते हुए चिर जब वो हरे
उस सभा में पांचाली बेचारी लगी
लाज रखी थी आकर के घनश्याम ने
लाज रखी थी आकर के घनश्याम ने
पांच पतियों की नारी अभागन बनी
मेट देतीं दवा दर्द तलवार का
घाव बोली का फिर भी ना भरता कभी
हाथ की चोट को भूल जाए कोई
बात की चोट को भूल सकता नहीं
मेट देतीं दवा दर्द तलवार का
घाव बोली का फिर भी ना भरता कभी।।

पांच नंदी के संग में गऊ थी खड़ी
मैया गिरजा ने हंसकर के ताना दिया
श्राप दे डाला गिरजा को गौमाता ने
क्यों हँसे होंगे तेरे भी पांच पिया
बात सच्ची हुई गिरिजा बन द्रोपदी
बात सच्ची हुई गिरिजा बन द्रोपदी
पांच पांडव की द्वापर में रानी बनी
मेट देतीं दवा दर्द तलवार का
घाव बोली का फिर भी ना भरता कभी
हाथ की चोट को भूल जाए कोई
बात की चोट को भूल सकता नहीं
मेट देतीं दवा दर्द तलवार का
घाव बोली का फिर भी ना भरता कभी।।

बात कड़वी कभी मुख से बोलो नहीं
बात जैसी ना दूजी कोई मार है
रात दिन जिसकी पीड़ा सताती रहे
एक ऐसी दुधारी वो तलवार है
‘हर्ष’ कहने के पहले ही तोलो जरा
‘हर्ष’ कहने के पहले ही तोलो जरा
मुख से निकला दोबारा तो आता नहीं

मेट देतीं दवा दर्द तलवार का
घाव बोली का फिर भी ना भरता कभी
हाथ की चोट को भूल जाए कोई
बात की चोट को भूल सकता नहीं
मेट देतीं दवा दर्द तलवार का
घाव बोली का फिर भी ना भरता कभी।।

मेट देती दवां दर्द तलवार का
घाव बोली का फिर भी ना भरता कभी
हाथ की चोट को भूल जाए कोई
बात की चोट को भूल सकता नहीं
मेट देतीं दवा दर्द तलवार का
घाव बोली का फिर भी ना भरता कभी।।



कोई लाख करे कितना जतन रे होनी सदा ही होवे लिरिक्स

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कोई लाख करे कितना जतन रे
होनी सदा ही होवे
होनी बड़ी प्रबल है प्यारे
टाले ना टले
कोईं लाख करे कितना जतन रे।।


होनी का कहर तो एक दिन
अर्जुन पे जब टुटा
गांडीव के रहते उसको
भीलों ने झट लुटा
ओ सुनियो रे
गांडीव के रहते उसको
भीलों ने झट लुटा
होनी के आगे एक ना
किसी की चले
कोईं लाख करे कितना जतन रे
होनी सदा ही होवे
होनी बड़ी प्रबल है प्यारे
टाले ना टले
कोईं लाख करे कितना जतन रे।।

होनी के वश में होकर
कैकई ने हठ पकड़ी
रघुवर को वन में भेजा
मन ही मन वो अकड़ी
ओ सुनियो रे
रघुवर को वन में भेजा
मन ही मन वो अकड़ी
दशरथ को खोकर रानी
हाथों को मले
कोईं लाख करे कितना जतन रे
होनी सदा ही होवे
होनी बड़ी प्रबल है प्यारे
टाले ना टले
कोईं लाख करे कितना जतन रे।।

होनी के कहर ने भक्तो
श्रवण को ना छोड़ा
आया था नीर भरन को
सरयू पे दम तोडा
ओ सुनियो रे
आया था नीर भरन को
सरयू पे दम तोडा
अंधे माँ बाप विरह की
आग में जले

कोईं लाख करे कितना जतन रे
होनी सदा ही होवे
होनी बड़ी प्रबल है प्यारे
टाले ना टले
कोईं लाख करे कितना जतन रे।।

होनी से कौन बचा है
होनी जिस पर टूटे
पांडव सब मूक खड़े थे
कौरव अस्मत लुटे
ओ सुनियो रे
पांडव सब मूक खड़े थे
कौरव अस्मत लुटे
‘हर्ष’ कहे होनी तो होगी
टाले ना टले
कोईं लाख करे कितना जतन रे
होनी सदा ही होवे
होनी बड़ी प्रबल है प्यारे
टाले ना टले
कोईं लाख करे कितना जतन रे।।

कोई लाख करे कितना जतन रे
होनी सदा ही होवे
होनी बड़ी प्रबल है प्यारे
टाले ना टले
कोईं लाख करे कितना जतन रे।।

तुम्हारे ही सहारे है सहारे मेरी नैया खाटू वाले लिरिक्स

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तुम्हारे ही सहारे है
सहारे मेरी नैया
मेरे माझी खाटू वाले
मेरे माझी खाटू वाले।।


ग़म के थपेड़े खाते खाते
हार गया मैं मनमोहन
डूब ना जाऊं होते तेरे
व्याकुल है ये मेरा मन
नैया है टूटी किस्मत है रूठी
मत रूठो तुम कन्हैया
मेरे माझी खाटू वाले
मेरे माझी खाटू वाले।।

बनकर माझी ना जाने कब
तुम आओगे पास मेरे
देख ज़माना हंसी करेगा
हारे गर जो दास तेरे
हाथ बढ़ा के हाथ पकड़ ले
तू मेरा कन्हैया
मेरे माझी खाटू वाले
मेरे माझी खाटू वाले।।

दुखियों के दुःख तुम ना सुनोगे
कौन सुनेगा बतलाओ
देख दशा अपने बच्चों की
थोड़ी करुणा बरसाओ
‘स्नेह’ ने जीवन तुमको ये अर्पण
किया है ओ कन्हैया
मेरे माझी खाटू वाले
मेरे माझी खाटू वाले।।

तुम्हारे ही सहारे है
सहारे मेरी नैया
मेरे माझी खाटू वाले
मेरे माझी खाटू वाले।।

मेहनत की कमाई को ऐसे ना लुटाना तू लिरिक्स

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मेहनत की कमाई को
ऐसे ना लुटाना तू
खर्चो को घटाकर के
सेवा में लगाना तू।।

राई से राई मिले
पर्वत बन जाता है
जब बून्द से बून्द मिले
सागर बन जाता है
खुद को समरथ करके
दुनिया को दिखाना तू
खर्चो को घटाकर के
सेवा में लगाना तू।।

महंगाई के युग में
पैसे का ही खेला है
जिसने दौलत जोड़ी
यहाँ उसका रेला है
यूँ व्यर्थ गँवा करके
पीछे पछताना तू
खर्चो को घटाकर के
सेवा में लगाना तू।।

जो खर्च ही करना है
इंसान पे खर्च करो
दीनो की मदद करो
दुखियों के दर्द हरो
ऐ ‘हर्ष’ तेरी माया
नेकी में लगाना तू

खर्चो को घटाकर के
सेवा में लगाना तू।।

मेहनत की कमाई को
ऐसे ना लुटाना तू
खर्चो को घटाकर के
सेवा में लगाना तू।।

भावना तो भक्ति है भावना बलवान है भजन लिरिक्स

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भावना तो भक्ति है
भावना बलवान है
भावना से खेल ना रे
भावना भगवान है
भावना तो भक्ति हैं।।


भावना से राम चौदह
साल जंगल में रहे
भावनावश कृष्ण राधे
रानी के वश में रहे
भावना से लिप्त होते
भक्तिमय हनुमान है
भक्तिमय हनुमान है
भावना तो भक्ति हैं।।

भाव से बढ़कर जहाँ में
दूजी ना सौगात है
भावना से खेल करना
दुष्ट की औकात है
भावना से खेलता वो
आदमी शैतान है
आदमी शैतान है
भावना तो भक्ति हैं।।

भावना ही कौरवों के
नाश का कारण बनी
वाल्मीकि की कलम से
देखो रामायण बनी
भावना के बिन अधूरा
हर कोई इंसान है
हर कोई इंसान है
भावना तो भक्ति हैं।।

जैसी तेरी भावना है
वैसा तू फल पाएगा
‘हर्ष’ कांटे बोएगा तो
कैसे कलियाँ पाएगा
आदमी की जिंदगी में
भावना प्रधान है
भावना प्रधान है

भावना तो भक्ति हैं।।

भावना तो भक्ति है
भावना बलवान है
भावना से खेल ना रे
भावना भगवान है
भावना तो भक्ति हैं।।

ओ कान्हा आ रे तू आजा मोहन गिरधारी लिरिक्स

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ओ कान्हा आ रे
तू आजा मोहन गिरधारी
की तरसे गुजरिया सारी
पुकारे राधा बेचारी
ओ कान्हा आ रें।।


सुना पड़ा है मधुबन सारा
तेरे बिना ओ कन्हाई
ओ कान्हा रे
सुना पड़ा है मधुबन सारा
तेरे बिना ओ कन्हाई
आजा सुना जमना तट
तुझ बिन सुना है पनघट
सुना सुना गुजरियों का मन
ओ कान्हा आ रें।।

यमुना किनारे गुजरियों के
कपडों को कौन चुराए
ओ कान्हा रे
यमुना किनारे गुजरियों के
कपडों को कौन चुराए
सुनी ग्वालों की टोली
सुने तेरे हमजोली
सुने सुने है सबके नयन
ओ कान्हा आ रें।।

अपना बना के क्यों बिसराया
ओ निर्मोही बता जा
ओ कान्हा रे
अपना बना के क्यों बिसराया
ओ निर्मोही बता जा
आजा माखन खा ले रे
हमको लाख सता ले रे

‘हर्ष’ सबकुछ करेंगे सहन
ओ कान्हा आ रें।।

ओ कान्हा आ रे
तू आजा मोहन गिरधारी
की तरसे गुजरिया सारी
पुकारे राधा बेचारी
ओ कान्हा आ रें।।

दिल ना तुम किसी का तोड़ो भजन लिरिक्स

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दिल ना तुम किसी का तोड़ो
दिल टुटा तो मंदिर टूटेगा
दिल में है भगवान का डेरा
दिल टुटा तो रब ये रूठेगा
दिल ना तुम किसी का तोडो
दिल ना तुम किसी का तोडो।।

दिल है प्यारे कांच का टुकड़ा
ठेंस लगी तो टूट के बिखरा
प्यार भरे सीने में ठेंस कभी ना लागे
दिल ना तुम किसी का तोडो
दिल ना तुम किसी का तोडो।।

होंठ हँसे तो मन खिल जाए
मुख मंडल पर खुशियां छाए
दूजे के होंठों की हंसी कभी ना छीनो
दिल ना तुम किसी का तोडो
दिल ना तुम किसी का तोडो।।

दिल हँसे तो भगवान भी हँसता
दिल रोए तो कहर बरसता
हंसने दो हर दिल को रोने कभी ना देना
दिल ना तुम किसी का तोडो
दिल ना तुम किसी का तोडो।।

गिरता मंदिर बन जाएगा
टुटा दिल ना जुड़ पाएगा
‘हर्ष’ कहे नफरत के बीज कभी ना डालो

दिल ना तुम किसी का तोडो
दिल ना तुम किसी का तोडो।।

दिल ना तुम किसी का तोड़ो
दिल टुटा तो मंदिर टूटेगा
दिल में है भगवान का डेरा
दिल टुटा तो रब ये रूठेगा
दिल ना तुम किसी का तोडो
दिल ना तुम किसी का तोडो।।

शान दरबार की अनोखी है भजन लिरिक्स

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ऐ श्याम तेरे दर का
सारे जहाँ में चर्चा
हारों को निभाता है
सीने से लगाता है
शान दरबार की अनोखी है
पूरी मन मुराद होती है।।

हारकर आ गया शरण तेरी
तुमने अपनाने में ना की देरी
सर पे जो मोरछड़ी लहराई
मन की मुरझाई कली मुस्काई
जिसने विश्वास किया है तुम पर
जिसने विश्वास किया है तुम पर
लाज उसकी कभी ना खोती है
शान दरबार की अनोखी हैं
पूरी मन मुराद होती है।।

वक्त पे जब ना कोई काम आए
साथी बनकर के मेरा श्याम आए
प्रीत साची निभाने वाला है
देव कलयुग का ये निराला है
उसकी तकदीर का तो क्या कहना
उसकी तकदीर का तो क्या कहना
जिसके दिल में जली ये ज्योति है
शान दरबार की अनोखी हैं
पूरी मन मुराद होती है।।

मुझपे उपकार अनेको इसके
जन्मों जन्मों ना उतरेंगे कर्जे
मुझे बरसों से ये ही पाल रहा
मेरा घर बार ये संभाल रहा
देख ‘मनमौजी’ इसकी दिलदारी
देख ‘मनमौजी’ इसकी दिलदारी
मेरे आखों से बहे मोती है
शान दरबार की अनोखी हैं
पूरी मन मुराद होती है।।

ऐ श्याम तेरे दर का
सारे जहाँ में चर्चा
हारों को निभाता है
सीने से लगाता है
शान दरबार की अनोखी है
पूरी मन मुराद होती है।।

नज़र सुधारे नज़र बिगाड़े नज़र की बात बताता हूँ लिरिक्स

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नज़र सुधारे नज़र बिगाड़े
नज़र की बात बताता हूँ
नज़र नज़र में फर्क है कितना
जो समझा बतलाता हूँ।।

सीधी नज़र पड़ी अर्जुन पर
सारथी बनकर साथ दिया
तिरछी नज़र दुर्योधन पर तो
कुरुवंश का नाश किया
नज़र नहीं पर नज़र पे पर्दा
कैसे पड़ा बताता हूँ
नज़र नज़र में फर्क है कितना
जो समझा बतलाता हूँ।।

नज़र किया जब लंकापति ने
रतन जड़ित उस माला को
नज़र ना आये राम कहीं पर
उस अंजनी के लाला को
खोज रही थी नज़र राम को
माला में बतलाता हूँ
नज़र नज़र में फर्क है कितना
जो समझा बतलाता हूँ।।

नज़र उठाकर मदद मांगती
भरी सभा में वो नारी
नज़र गड़ी धरती में सबकी
खींचे दुशासन साडी
चीर बढ़ा पर नज़र ना आया
किसने किया बताता हूँ
नज़र नज़र में फर्क है कितना
जो समझा बतलाता हूँ।।

नज़र का इतना असर के वो
पत्थर को तोड़ गिराती है
अच्छी नज़र तो पुजवा दे
हो बुरी तो सर फुड़वाती है
नज़र से गिरना नज़र में उठना
समझो तो समझाता हूँ
नज़र नज़र में फर्क है कितना
जो समझा बतलाता हूँ।।

जग की नज़र में इस जीवन में
भले नहीं बन पाओगे
पड़ गई उसकी एक नज़र तो
भव सागर तर जाओगे
नज़र करे नर पे नारायण
आशीर्वाद दिलाता हूँ
नज़र नज़र में फर्क है कितना
जो समझा बतलाता हूँ।।

नज़र सुधारे नज़र बिगाड़े
नज़र की बात बताता हूँ
नज़र नज़र में फर्क है कितना
जो समझा बतलाता हूँ।।

नैया मझधार मेरी टूटी पतवार मेरी भजन लिरिक्स

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नैया मझधार मेरी
टूटी पतवार मेरी
बन के तू मांझी
आजा श्याम मेरे।।

बन के सहारा मुझे
पार उतार दे
बिगड़ी ये ज़िंदगानी
इसको संवार दे
नैया चलाऊं कैसे
पार लगाऊं कैसे
बन के तू मांझी
आजा श्याम मेरे।।

आता नहीं है मुझको
तूफ़ान से खेलना
वश में नहीं है मेरे
हिचकोले झेलना
आशा टूटेगी मेरी
नैया डूबेगी मेरी
बन के तू मांझी
आजा श्याम मेरे।।

कर के दया मुझको
भंवर से निकाल दे
बनवारी नाव मेरी
किनारे पे डाल दे
होगा एहसान तेरा
करदे कल्याण मेरा
बन के तू मांझी
आजा श्याम मेरे।।

नैया मझधार मेरी
टूटी पतवार मेरी
बन के तू मांझी
आजा श्याम मेरे।।

आज मेरे श्याम को मनाना है भजन लिरिक्स

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कान्हा से प्यार का है बंधन
श्रद्धा से करता हूँ मैं वंदन
रोको कोई तो मेरे श्याम को क्यों
रूठा मुझसे
आज मेरे श्याम को मनाना है
हाले दिल श्याम को सुनना है।।

मेरे दिल की है ये तमन्ना
श्याम से मिलने का है सपना
मुझको तो बस इंतज़ार है कब
होगा अपना
आज मेरे श्याम को मनाना हैं
हाले दिल श्याम को सुनना है।।

मेरी खता को तुम भुला दो
अपने चरणों में तुम जगह दो
वरना कहाँ पे अब जाएगा ये
बालक तेरा
आज मेरे श्याम को मनाना हैं
हाले दिल श्याम को सुनना है।।

तुम तो हो मोहन जग के स्वामी
मेरी भी सुनलो श्याम कहानी
कब से खड़ा है तेरी राह में श्याम
सेवक तेरा

आज मेरे श्याम को मनाना हैं
हाले दिल श्याम को सुनना है।।

कान्हा से प्यार का है बंधन
श्रद्धा से करता हूँ मैं वंदन
रोको कोई तो मेरे श्याम को क्यों
रूठा मुझसे
आज मेरे श्याम को मनाना है
हाले दिल श्याम को सुनना है।।


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