मुकेश बागड़ा के भजन लिरिक्स : Mukesh Bagda Bhajan Lyrics 3
हारे के सहारे हो तुम ही तो हमारे हो : Hare Ke Sahare Ho Tum Hi To Hamare Ho

हारे के सहारे हो
के झूठी इस दुनिया में
तुम ही तो हमारे हो।।
अपनों ने ही मुझको
पग पग पे लूटा
अपनों ने ही मुझको
पग पग पे लूटा
जिनपे भरोसा था
वो भी है टुटा
जिनपे भरोसा था
वो भी है टुटा
धीरज हमारे हो
के झूठी इस दुनिया में
तुम ही तो हमारे हो।।
दिल की जिसे मैंने
हालत बताई
दिल की जिसे मैंने
हालत बताई
उन सब ने की मेरी
जग में हसाई
उन सब ने की मेरी
जग में हसाई
दिल के सहारे हो
के झूठी इस दुनिया में
तुम ही तो हमारे हो।।
हरदम रहे तेरे
दर पे ठिकाना
हरदम रहे तेरे
दर पे ठिकाना
‘स्नेह’ को सेवा में
अपनी लगाना
‘स्नेह’ को सेवा में
अपनी लगाना
प्राणों से प्यारे हो
के झूठी इस दुनिया में
तुम ही तो हमारे हो।।
हारे के सहारे हो
के झूठी इस दुनिया में
तुम ही तो हमारे हो।।
तेरे द्वार पे दयालु जिसका है आना जाना लिरिक्स : Tere Dwar Pe Dayalu Jiska Hai Aana Jana Lyrics

तेरे द्वार पे दयालु
जिसका है आना जाना
उसने ही इस जहाँ में
जीने का स्वाद जाना।।
अपने लिए जगत में
कुछ भी नहीं मिलेगा
सब बोझ ढो रहे है
कुछ साथ ना चलेगा
दातार की दया का
जिसको मिला खजाना
उसने ही इस जहाँ में
जीने का स्वाद जाना।।
जपने से नाम तेरा
कट जाते सारे बंधन
बड़ा भाग्यशाली है वो
करता जो तेरा सुमिरन
जो है प्रेम का पुजारी
और नाम का दीवाना
उसने ही इस जहाँ में
जीने का स्वाद जाना।।
तेरी याद में ही कान्हा
जो जिंदगी गुजारे
होकर मगन कन्हैया
तेरा नाम जो पुकारे
आँखों में जिसके आंसू
होंठों पे है तराना
उसने ही इस जहाँ में
जीने का स्वाद जाना।।
सच्ची लगन लगा के
जो भाव से है भजता
‘बिन्नू’ ये मुरली वाला
उसको कभी ना तजता
प्रभु के चरण में आखिर
उसको मिले ठिकाना
उसने ही इस जहाँ में
जीने का स्वाद जाना।।
तेरे द्वार पे दयालु
जिसका है आना जाना
उसने ही इस जहाँ में
जीने का स्वाद जाना।।
बांह पकड़ ले श्याम मैं हार के आया हूँ : Baah Pakad Le Shyam Main Haar Ke Aaya Hun

बांह पकड़ ले श्याम
मैं हार के आया हूँ
गले लगा ले श्याम
जग का ठुकराया हूँ
बाँह पकड ले श्याम
मैं हार के आया हूँ।।
तेरा वचन है मेरे कन्हैया
तेरा ही ये करार है
देगा तू हरदम साथ उसी का
जिसकी दिख रही हार है
साथ निभा दे मेरा
उम्मीदें लाया हूँ
बाँह पकड ले श्याम
मैं हार के आया हूँ।।
पग पग मैंने धोखे है खाए
इस बेदर्द ज़माने से
शिकवा नहीं है मुझको कोई
बाबा किसी बेगाने से
गिला है मेरे दिल को
अपनों का सताया हूँ
बाँह पकड ले श्याम
मैं हार के आया हूँ।।
तेरे दर पर आकर भी जो
आस मेरे दिल की टूटी
फिर तो यही मैं समझूंगा तेरी
दया की बातें है झूठी
झूठे है तेरे किस्से
और मैं भरमाया हूँ
बाँह पकड ले श्याम
मैं हार के आया हूँ।।
दुखियारों के लाचारों के
दुःख से बेखबर ना रहना
‘बागड़ा’ विनती करता है तुझसे
सुनले जरा मेरा कहना
दे दे जरा सी खुशियाँ
अब तक दुःख पाया हूँ
बाँह पकड ले श्याम
मैं हार के आया हूँ।।
बांह पकड़ ले श्याम
मैं हार के आया हूँ
गले लगा ले श्याम
जग का ठुकराया हूँ
बाँह पकड ले श्याम
मैं हार के आया हूँ।।
ना कर्म से मिला ना अधिकार से मिला : Na Karm Se Mila Na Adhikar Se Mila

ना कर्म से मिला
ना अधिकार से मिला
ना ही कुछ मुझे
तेरे संसार से मिला
मैंने जो भी पाया
अपनी जिंदगी में
वो मुझे बाबा
तेरे दरबार से मिला।।
याद आता है मेरा गुजरा जमाना
मेरा वो दर बदर की ठोकरे खाना
हाथ भी फैलाए सबके सामने मगर
हाथ भी फैलाए सबके सामने मगर
ना यार से मिला
ना रिश्तेदार से मिला
करम से मिला
ना अधिकार से मिला
ना ही कुछ मुझे
तेरे संसार से मिला।।
हार के आया बाबा तेरे धाम पे
झोली फैलाई जब तुम्हारे सामने
छोटी पड़ गई थी झोली इस गरीब की
छोटी पड़ गई थी झोली इस गरीब की
क्या कहूं मैं इतना
तेरे द्वार से मिला
करम से मिला
ना अधिकार से मिला
ना ही कुछ मुझे
तेरे संसार से मिला।।
बात ना धन की है ना शोहरत की है
बात ‘सोनू’ ये दिल की चाहत की है
जीतने वालों ने भी पाया नहीं कभी
जीतने वालों ने भी पाया नहीं कभी
सुख मुझे वो तेरे
दर पे हार के मिला
करम से मिला
ना अधिकार से मिला
ना ही कुछ मुझे
तेरे संसार से मिला।।
ना कर्म से मिला
ना अधिकार से मिला
ना ही कुछ मुझे
तेरे संसार से मिला
मैंने जो भी पाया
अपनी जिंदगी में
वो मुझे बाबा
तेरे दरबार से मिला।।
एहसान तेरे इतने कैसे मैं चुकाऊंगा भजन लिरिक्स

एहसान तेरे इतने
कैसे मैं चुकाऊंगा
क्या क्या किया है तुमने
कैसे मैं भुलाऊँगा
एहसान तेरे इतनें
कैसे मैं चुकाऊंगा।।
कभी सुख भी नहीं पाया
हरदम ही दुःख उठाया
गैरो की क्या कहे हम
अपनों ने ही रुलाया
जो टूट गए रिश्ते
कैसे मैं निभाऊँगा
क्या क्या किया है तुमने
कैसे मैं भुलाऊँगा
एहसान तेरे इतनें
कैसे मैं चुकाऊंगा।।
ये सच है ज़माने में
कन्हैया ने संभाला है
अटके जो मुश्किलों में
इसने ही निकाला है
बाकी ये बचा जीवन
सेवा में बिताऊँगा
क्या क्या किया है तुमने
कैसे मैं भुलाऊँगा
एहसान तेरे इतनें
कैसे मैं चुकाऊंगा।।
मिला साथ तेरा जबसे
संवरी है ज़िंदगानी
क्या थे क्या हो गए है
सब तेरी मेहरबानी
जो प्यार मिला तुमसे
सबको मैं बताऊँगा
क्या क्या किया है तुमने
कैसे मैं भुलाऊँगा
एहसान तेरे इतनें
कैसे मैं चुकाऊंगा।।
ये सच है श्याम तेरे
कर्जदार ही रहेंगे
‘मोहित’ कहे असल क्या
ना ब्याज दे सकेंगे
इतना है दिया तुमने
कितना मैं दिखाऊँगा
क्या क्या किया है तुमने
कैसे मैं भुलाऊँगा
एहसान तेरे इतनें
कैसे मैं चुकाऊंगा।।
एहसान तेरे इतने
कैसे मैं चुकाऊंगा
क्या क्या किया है तुमने
कैसे मैं भुलाऊँगा
एहसान तेरे इतनें
कैसे मैं चुकाऊंगा।।
बादशाह हो गए देखते देखते भजन लिरिक्स

बादशाह हो गए देखते देखते
तेरी रहमत से प्रेमी तेरे सांवरे
क्या से क्या हो गए देखते देखते
कल तलक जिनकी कोई भी हस्ती न थी
बादशाह हो गए देखते देखते।।
जिनकी गिनती जहां के फकीरो में थी
कोई खुशियां ना जिनकी लकीरों में थी
जो ना सोचा कभी था वही हो गया
रंक राजा हुए देखते देखते
कल तलक जिनकी कोई भी हस्ती न थी
बादशाह हों गए देखते देखते।।
आ गया चलके जो खाटू के गांव में
श्याम रखता उन्हें नज़रो की छांव में
श्याम किरपा से खुशियो के दीपक जले
सारे गम सो गए देखते देखते
कल तलक जिनकी कोई भी हस्ती न थी
बादशाह हों गए देखते देखते।।
खाटू नगरी में चलती है ऐसी हवा
जिससे गम के मरीज़ों की होती दवा
भक्त द्वारे पे आया है जो हार के
श्याम उनके हुए देखते देखते
कल तलक जिनकी कोई भी हस्ती न थी
बादशाह हों गए देखते देखते।।
तेरी रहमत से प्रेमी तेरे सांवरे
क्या से क्या हो गए देखते देखते
कल तलक जिनकी कोई भी हस्ती न थी
बादशाह हों गए देखते देखते।।
शायद श्याम पिघल जाए भजन लिरिक्स

रोती आंखे रोने दे
श्याम चरण को धोने दे
गम आंसू में ढल जाए
शायद श्याम पिघल जाए
शायद श्याम पिघल जाये।।
ये मायत हम बच्चे है
दुःख सहने में कच्चे है
समझे जो दिल की बातें
रोना बस उसके आगे
पत्थर दिल भी हिल जाये
शायद श्याम पिघल जाये।।
गम जो हद से बढ़ जाए
आंसू बनकर बह जाए
जब कोई प्रेमी रोता है
दर्द श्याम को होता है
पता श्याम को चल जाये
शायद श्याम पिघल जाये।।
श्याम के संमुख रोयेगा
पाप तेरे ये धोयेगा
रो रो जब थक जायेगा
पल में काम बन जायेगा
संकट सारे टल जाये
शायद श्याम पिघल जाये।।
दौलत से ना रीझेगा
आंसू से ही पसीजेगा
‘हर्ष’ तू दर पे शीश झुका
आंसू की सौगात चढ़ा
भक्ति तेरी ढल जाये
शायद श्याम पिघल जाये।।
रोती आंखे रोने दे
श्याम चरण को धोने दे
गम आंसू में ढल जाए
शायद श्याम पिघल जाए
शायद श्याम पिघल जाये।।
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