कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

बना के गीत / 15 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Bana Ke Geet 15 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

जुग-जुग जीवे मेरा हरियाला बन्ना रे
जुग-जुग जीवे मेरा हरियाला बन्ना रे
नवल बन्नी का नवल बन्ना रे
सुघड़ बन्नी का चतुर बन्ना रे
जुग-जुग जीवे मेरा हरियाला बन्ना रे
जब-जब बन्नी मेरी केश संवारे
शीशा दिखावे मेरा हरियाला बन्ना रे
जुग-जुग जीवे मेरा हरियाला बन्ना रे
जब-जब बन्नी मेरी केश संवारे
मुखड़ा निहारे मेरा हरियाला बन्ना रे
जुग-जुग जीवे मेरा हरियाला बन्ना रे
जब-जब बन्नी मेरी साड़ी पहने
पायल पहनावे मेरा हरियाला बन्ना रे
जुग-जुग जीवे मेरा हरियाला बन्ना रे
जब-जब बन्नी मेरी सेजों पे आवे
वारि-वारि जावे मेरा हरियाला बन्ना रे
जुग-जुग जीवे मेरा हरियाला बन्ना रे।

बना के गीत / 16 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Bana Ke Geet 16 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

बना के गीत / 18 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Bana Ke Geet 18 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *