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बंसी वाले क्यों नहीं आते हमारी आह पर बिन्दु जी भजन

 Bhajan Bansi Wale KyonNahi Aate Hamari Aah Par Bindu Ji Bhajan

बंसी वाले क्यों नहीं आते हमारी आह पर।
मस्त हैं हम तो तुम्हारे दर्शनों की चाह पर॥
खैरख्वाहों पर अगर खुश हो गये तो क्या हुआ।
हम तो जब जानें कि खुश हो जाओ बदखुवाह पर॥
रूप धन का और बाहों का भी बल जाता रहा।
अब तो है निर्बल का सिर प्रभुजी तुम्हारी बाँह पर।
युद्ध अब तक जो कठिन कलिकाल से करते थे हम,
फैसला है अब उसका घनश्याम शाहंशाह पर।
फायदा यह नाथ का यश ‘बिन्दु’ बरसाने में है,
भूले-भटके पातकी आते हैं सीधी राह पर। 

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