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जान बहार दहार बहो रे संत जूड़ीराम भजन / Bhajan Jaan Bahar Dahar Bahore Sant Judiram Bhajan

 

जान बहार दहार बहो रे।
डूबो जक्त भक्त बिन चीन्हें बिन जल मीन अधीन मरो रे।
ज्यौं रवि नीर मिरग की ममता मिलहिं न जल खल जीव गयो रे।
बिनु गुरु संध अंध मत डोलत सत्त असत्त न चीन परो रे।
छूटो लाल माल गाढ़ी सें ऐसों रतन बिजनर करो रे।
बिनु गुरु कृपा पार नहिं लागो जूड़ी या जग सार गहो रे। 


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