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जापे कृपा राम राया की संत जूड़ीराम भजन / Bhajan Jape Kripa Ram Raya Ki Sant Judiram Bhajan

 

जापे कृपा राम राया की।
क्या कर सके कुसंग जगत को व्यापे नहीं मार माया की।
जो लग काल-कर्म अरुझानों तो लग डोर लगी काया की।
पड़ी रही मैदान महर में धुनिन होय फिर बे वाजा की।
जूड़ीराम नाम तन ताको बैठो सदा भगत छाया की।


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