कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

जो लगि राम नाम नहिं चीना संत जूड़ीराम भजन / Jo Lagi Ram Naam Nahin Cheena Sant Judiram Bhajan

 

जो लगि राम नाम नहिं चीना।
जैसे नार पिया बिना डोलत रहत सकल विधि हीना।
ऐसई जगत भगत बिन व्याकुल बेजल तलफत मीना।
भयो विहाल जाल जग ग्रहनों सब विध भयो अधीना।
नाम बिना बेस्वारत जग में जोग जग्य तप कीना।
मन बिन विकल भुजंग भुलानो भई तासु गत दीना।
बेसुगंध को फूल अजब रंग आद अंत पर पीना।
जूड़ीराम भजन बिन देही वृक्ष भयो जग जीना।


0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *