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हर बिन जनम गमायो बेबारा संत जूड़ीराम भजन / Har Bin Janam Gamayo Bebara Sant Joodiram Bhajan

 

हर बिन जनम गमायो बेबारा।
नहिं सतसंग कियो साधन को फंदा फंद अपारा।
जान-जान गहरो अपर जग भक्तन लगै पियारा।
दुख-सुख गाँठ बाद अपने उर नहिं हो सकत निनयारा।
काल-कर्म दोऊ फिरत सिकारी तिन मिल उदर विहारा।
जैसे बाज लवा पर बीतत सो गत भई संसारा।
दुबदा नदी वही वन भीतर उतर न पावत पारा।
जूड़ीराम नाम बिन चीने बहो खरेरी धारा।।




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