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कन्हैया को एक रोज रोकर पुकारा बिन्दु जी भजन

  Kanhaiya Ko Ek Roz RokerPukara Bindu Ji Bhajan  

कन्हैया को एक रोज रोकर पुकारा,
कहा उनसे जैसा हूँ अब हूँ तुम्हारा।
वो बोले साधन किये तूने क्या है,
मैं बोला किसे तुमने साधन से तारा।
वो बोले कि दुनिया में आकर किया कुछ,
मैं बोला कि अब भेजना मत दुबारा।
वो बोले परेशां हूँ तेरी बहस से,
मैं बोला ये कहदो तू जीता मैं हारा।
वो बोले कि जरिया तेरा क्या है मुझ तक,
मैं बोला कि दृग ‘बिन्दु’ का है सहारा। 

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