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मन माया को मारग झीनो संत जूड़ीराम भजन / Man Maya Ko Maarg Jheeno Sant Judiram Bhajan

 

मन माया को मारग झीनो।
ग्यानी गुनी थके मुनि जोगी लोक नगर गृह परतन चीनो।
रूप दिखाय बिहाय सबन को काम को डांड़ सौ लीनो।
खेलत फिरे अटेर जगत में गुला प्रकाश मोह बस कीनो।
जूड़ीराम जगत बस कीनो कोटन मधे एक प्रवीनो।


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