कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

एक,दो,तीन,आजा मौसम है रंगीन / Ek, Do, Teen, Aaja Mausam Hai Rangeen

 एक दो तीन, आजा मौसम है रंगीन

आजा...


रात को छुप-छुप के मिलना

दुनिया समझे पाप रे

सम्हलके खिड़की खोल बलमवा

देखे तेरा बाप रे!

आजा...


ये मदमस्त जवानी है

तेरे लिये ये दिवानी है

डूब के इस गहराई में

देख ले कितना पानी है

आजा...


क्यूँ तू मुझे ठुकराता है

मुझसे नज़र क्यूँ चुराता है

लूट ये दुनिया तेरी है

प्यार से क्यूँ घबराता है

आजा...

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