चित्र विचित्र के भजन लिरिक्स : Chitra Vichitra Bhajan Lyrics In Hindi 2
इस दूसरे भाग में राधा नाम की महिमा, बांके बिहारी की भक्ति और वृंदावन धाम की मिठास से भरे 12 भजन शामिल हैं। "माला राधा नाम की फेरे जो सुबहो शाम" और "लिख दी ये जिंदगानी तेरे नाम बांके बिहारी" जैसे भजन इस लिस्ट को और खास बनाते हैं। हर भजन के नीचे पूरे बोल दिए गए हैं, जिससे आप इन्हें सुनते-सुनते साथ में गुनगुना भी सकें।
बाजी रे बाजी रे बाजी मधुर मुरलिया मनमोहन की बाजी : Baji Re Madhur Muraliya Manmohan Ki Baji Lyrics

बाजी रे बाजी रे बाजी मधुर मुरलिया
मनमोहन की बाजी
मोहन की मुरलिया बाजी
कान्हा की मुरलिया बाजी।।
बंसी बाजी वृंदावन में
वृंदावन में श्री निधिवन में
भागी रे भागी रे भागी सखियां सारी
रास मिलन को भागी
बाजी रे बाजी रे बाजी मधुर मुरलिया
मनमोहन की बाजी।।
बंसी बाजी यमुना तट पर
यमुना तट पर बंसीवट पर
साजी रे साजी रे साजी सखी सहचरी
मनमोहन संग साजी
बाजी रे बाजी रे बाजी मधुर मुरलिया
मनमोहन की बाजी।।
सेवा कुंज में बंसी बाजे
श्री श्यामा संग श्याम विराजे
अरे राजी रे राजी रे राजी
प्रिया प्रीतम संग सखियां सारी राजी
बाजी रे बाजी रे बाजी मधुर मुरलिया
मनमोहन की बाजी।।
ऐसी बंसी मधुर बजाई
बंसी की धुन त्रिभुवन छाई
‘चित्र विचित्र’ सखी प्रियतम के संग
खेले प्रीत की बाजी
बाजी रे बाजी रे बाजी मधुर मुरलिया
मनमोहन की बाजी।।
बाजी रे बाजी रे बाजी मधुर मुरलिया
मनमोहन की बाजी
मोहन की मुरलिया बाजी
कान्हा की मुरलिया बाजी।।
माला राधा नाम की फेरे जो सुबहो शाम : Mala Radha Naam Ki Fere Jo Subah Sham Lyrics

माला राधा नाम की
फेरे जो सुबहो शाम
रोग शोक चिंता मिटे
पूरण हो सब काम
मेरे मन पूर्ण हो सब काम
राधा राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा।।
श्री जी के शुभ नाम का
रंग चढ़े अंग अंग
पूर्व जन्म का पुण्य फल
राधा नाम सत्संग
मेरे मन राधा नाम सत्संग
राधा राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा।।
राधा नाम की भागीरथी
अविरल बहती जाए
भाग्यवान वही जीव जो
डुबकी नित लगाए
मेरे मन डुबकी नित लगाए
राधा राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा।।
श्री राधे वृषभानुजा
शुभ कारक सुख सार
वृंदा विपिन बिहारीनी
कृष्ण प्रिया सरकार
मेरे मन कृष्ण प्रिया सरकार
राधा राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा।।
युगल चरण की वंदना
दर्शन भाव विशेष
युगल चरण रज प्राप्ति
काटे सकल कलेश
मेरे मन काटे सकल कलेश
राधा राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा।।
भाव सहित जो भी करे
राधा नाम रस पान
ना संशय ना भरम कोई
निश्चित हो कल्याण
मेरे मन निश्चित हो कल्याण
राधा राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा।।
वृंदा विपिन बिहारनी
रसिकन प्राण आधार
स्वामिनी तीनों लोक की
भक्ति रूप साकार
मेरे मन भक्ति रूप साकार
राधा राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा।।
जीवन के इस खेल में
हार मिले या जीत
‘शांत’ प्रियाजू से सदा
जुड़ी रहे ये प्रीत
मेरे मन जुड़ी रहे ये प्रीत
राधा राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा।।
माला राधा नाम की
फेरे जो सुबहो शाम
रोग शोक चिंता मिटे
पूरण हो सब काम
मेरे मन पूर्ण हो सब काम
राधा राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा।।
आज मारग में ठाड़ो सांवरिया बची रहियो गुजरिया : Aaj Marag Main Thado Sawariya Lyrics

आज मारग में ठाड़ो सांवरिया
बची रहियो गुजरिया
बची रहियो गुजरिया
बची रहियो गुजरिया
आज मारग में ठाडो साँवरिया
बची रहियो गुजरिया।।
मत जईयो जल भरने अकेली
मत जईयो जल भरने अकेली
जल भरने अकेली
जल भरने अकेली
तेरी फोड़ेगो जल की गगरिया
बची रहियो गुजरिया
आज मारग में ठाडो साँवरिया
बची रहियो गुजरिया।।
फागुन में या ये कछु नहीं सूझे
फागुन में या ये कछु नहीं सूझे
या ये कछु नहीं सूझे
या ये कछु नहीं सूझे
तेरी रंग देगो सुरंग चुनरिया
बची रहियो गुजरिया
आज मारग में ठाडो साँवरिया
बची रहियो गुजरिया।।
सुन री सखी वाके चितवन में टोना
सुन री सखी वाके चितवन में टोना
वाके चितवन में टोना
वाके चितवन में टोना
करे रखियो तू नीची नजरिया
बची रहियो गुजरिया
आज मारग में ठाडो साँवरिया
बची रहियो गुजरिया।।
‘चित्र विचित्र’ सी हो जाएगी
‘चित्र विचित्र’ सी हो जाएगी
अरी हो जाएगी
अरी हो जाएगी
बनके पागल बितइयो उमरिया
बची रहियो गुजरिया
आज मारग में ठाडो साँवरिया
बची रहियो गुजरिया।।
आज मारग में ठाड़ो सांवरिया
बची रहियो गुजरिया
बची रहियो गुजरिया
बची रहियो गुजरिया
आज मारग में ठाडो साँवरिया
बची रहियो गुजरिया।।
गिरिराज धरण करते हो भक्तों के तुम कष्ट हरण : Giriraj Dharan Karte Ho Bhakto Ke Tum Kasht Haran

गिरिराज धरण
गिरिराज धरण
करते हो भक्तों के
तुम कष्ट हरण।।
श्रद्धा और भक्ति से जो
परिक्रमा लगावे
तेरी किरपा से प्राणी
मनोवांछित फल पावे
हो उसका सफल
ये जीवन मरण
गिरिराजधरण
गिरिराजधरण
करते हो भक्तों के
तुम कष्ट हरण।।
भक्तों तुम प्यारे हो
गोवर्धन धारी
दीनों के हो नाथ प्रभु
तुम संतन हितकारी
सारा जगत पूजे
प्रभु तेरे चरण
गिरिराजधरण
गिरिराजधरण
करते हो भक्तों के
तुम कष्ट हरण।।
तुम सा देव दयालु कोई
जग में ना दूजा
श्री कृष्ण ने सबसे पहले
स्वयं तुमको पूजा
करते कृपा सब पर
तुम नील वरण
गिरिराजधरण
गिरिराजधरण
करते हो भक्तों के
तुम कष्ट हरण।।
निशदिन ‘चित्र-विचित्र’ प्रभु
गुण तेरे गाए
छोड़ जगत की आस तेरे
पागल कहलाए
बिन भक्ति ना हरि मिले
कहे राधिका शरण
गिरिराजधरण
गिरिराजधरण
करते हो भक्तों के
तुम कष्ट हरण।।
गिरि राज धरण
गिरि राज धरण
करते हो भक्तों के
तुम कष्ट हरण।।
झूठी दुनिया में रहना दुश्वार हो गया : Jhuthi Duniya Mein Rehna Dushwar Ho Gaya Lyrics

झूठी दुनिया में रहना
दुश्वार हो गया
जबसे बांके बिहारी जी से
प्यार हो गया
जबसे बांके बिहारी जी से
प्यार हो गया।।
बांके बिहारी जी की
मोटी मोटी अखियां
मोटी मोटी अखियां
कजरारी अखियां
नैनों ही नैनों में
इकरार हो गया
जबसे बांके बिहारी जी से
प्यार हो गया।।
बांके बिहारी जी की
मीठी बांसुरिया
मीठी बांसुरिया
मीठी बांसुरिया
मुरली का तराना
दिल के पार हो गया
जबसे बांके बिहारी जी से
प्यार हो गया।।
बांके बिहारी जी का
प्यारा वृंदावन
प्यारा वृंदावन
प्यारा वृंदावन
वृंदावन मेरा
घर द्वार हो गया
जबसे बांके बिहारी जी से
प्यार हो गया।।
‘चित्र विचित्र’ के
तुम नैन तारे
तुम नैन तारे
प्राणन से प्यारे
पागल तुम्हारा
संसार हो गया
जबसे बांके बिहारी जी से
प्यार हो गया।।
झूठी दुनिया में रहना
दुश्वार हो गया
जबसे बांके बिहारी जी से
प्यार हो गया
जबसे बांके बिहारी जी से
प्यार हो गया।।
तेरे दर पे आ गई हूँ मुश्किल है उठ के जाना : Tere Dar Pe Aa Gai Hu Mushkil Hai Uth Ke Jana

तेरे दर पे आ गई हूँ
मुश्किल है उठ के जाना
दुनिया है मुझको भूली
कहीं तुम ना भूल जाना
तेरे दर पे आ गयी हूं
मुश्किल है उठ के जाना।।
मीरा का विष का प्याला
अमृत बना दिया था
अब मेरी बारी आई
करते हो क्यों बहाना
तेरे दर पे आ गयी हूं
मुश्किल है उठ के जाना।।
पुकारा था द्रोपदी ने
तुम आए दौड़े दौड़े
अब मैं बुला रही हूँ
तुमको पड़ेगा आना
तेरे दर पे आ गयी हूं
मुश्किल है उठ के जाना।।
तेरे दर पे आ गई हूँ
मुश्किल है उठ के जाना
दुनिया है मुझको भूली
कहीं तुम ना भूल जाना
तेरे दर पे आ गयी हूं
मुश्किल है उठ के जाना।।
लिख दी ये जिंदगानी तेरे नाम बांके बिहारी भजन लिरिक्स : Likh Di Ye Zindagani Tere Naam Banke Bihari Lyrics

लिख दी ये जिंदगानी
तेरे नाम बांके बिहारी
तेरे दर पे बीत जाए
तेरे दर पे बीत जाए
मेरी उमर ये सारी।।
तेरे नाम का रस पीता रहूँ
दर्शन की आशा पे जीता रहूँ
यही बात मन में ठानी
यही बात मन में ठानी
हो जाए कृपा तिहारी
तेरे दर पे बीत जाए
मेरी उमर ये सारी।।
लीलाओं का आस्वादन करूँ
वाणी से नित नाम गायन करूँ
दर दर की खाक छानी
दर दर की खाक छानी
मिले मुझको शरण तुम्हारी
तेरे दर पे बीत जाए
मेरी उमर ये सारी।।
‘चित्र विचित्र’ के प्यारे हो तुम
पागल के नैनों के तारे हो तुम
इस जग को क्या बतानी
इस जग को क्या बतानी
मेरी तुम्हारी यारी
तेरे दर पे बीत जाए
मेरी उमर ये सारी।।
लिख दी ये जिंदगानी
तेरे नाम बांके बिहारी
तेरे दर पे बीत जाए
तेरे दर पे बीत जाए
मेरी उमर ये सारी।।
बिहारी जी तुम्हारे वृंदावन में जब भी आएंगे : Bihari Ji Tumhare Vrindavan Me Jab Bhi Aayenge

बिहारी जी तुम्हारे वृंदावन में
जब भी आएंगे
नहीं आएंगे हम वापस
नहीं आएंगे हम वापस
सभी से बोल आएंगे।।
किसी ने हमसे जो पूछा
वहां कैसे रह पाओगे
गुरु चरणों की छाया में
गुरु चरणों की छाया में
वही जीवन बिताएंगे
नहीं आएंगे हम वापस
सभी से बोल आएंगे।।
किसी ने हमसे जो पूछा
वहां भोजन क्या खाओगे
जो पालनहार है सबके
जो पालनहार है सबके
वही हमको खिलाएंगे
नहीं आएंगे हम वापस
सभी से बोल आएंगे।।
किसी ने हमसे जो पूछा
वहां पर क्या कमाओगे
श्री राधा नाम धन साचा
श्री राधा नाम धन साचा
वही धन हम कमाएंगे
नहीं आएंगे हम वापस
सभी से बोल आएंगे।।
किसी ने हमसे जो पूछा
वहां तुम बन क्या पाओगे
बिहारी जी के बन पागल
बिहारी जी के बन पागल
उन्हीं के हम हो जाएंगे
नहीं आएंगे हम वापस
सभी से बोल आएंगे।।
किसी ने हमसे जो पूछा
ये मन कैसे लगाओगे
के चित्र विचित्र के संग मिलकर
के चित्र विचत्र के संग मिलकर
भजन में मन लगाएंगे
नहीं आएंगे हम वापस
सभी से बोल आएंगे।।
बिहारी जी तुम्हारे वृंदावन में
जब भी आएंगे
नहीं आएंगे हम वापस
नहीं आएंगे हम वापस
सभी से बोल आएंगे।।
नाम मेरी राधा रानी का जिस जिस ने गाया है लिरिक्स : Naam Meri Radha Rani Ka Lyrics

नाम मेरी राधा रानी का
जिस जिस ने गाया है
बांके बिहारी ने
उसे अपना बनाया है।
जय राधे जय राधे
जय श्री कृष्ण बोलो
जय राधे।।
नाम मेरीं राधा रानी का
सदा देता सहारा है
तू भी एक बार जपले
ये नाम बड़ा प्यारा है
जय राधे जय राधे
जय श्री कृष्ण बोलो
जय राधे।।
राधा राधा नाम वाली
फेरी जिसने माला है
उस पे रीझ गया
मेरा मुरली वाला है
जय राधे जय राधे
जय श्री कृष्ण बोलो
जय राधे।।
राधा राधा नाम का तो
हुआ पागल जमाना है
प्यारा तीनों लोको से
श्री जी का बरसाना है
जय राधे जय राधे
जय श्री कृष्ण बोलो
जय राधे।।
राधा राधा नाम वाली
चढ़ गई हमें मस्ती है
‘चित्र विचित्र’ पे कृपा
राधा रानी की बरसती है
जय राधे जय राधे
जय श्री कृष्ण बोलो
जय राधे।।
नाम मेरी राधा रानी का
जिस जिस ने गाया है
बांके बिहारी ने
उसे अपना बनाया है।
जय राधे जय राधे
जय श्री कृष्ण बोलो
जय राधे।।
दीनो के नाथ दीनानाथ हमारी सुध लो प्रभु जी : Dino Ke Nath Dinanath Hamari Sudh Lo Prabhu Ji

दीनो के नाथ दीनानाथ
हमारी सुध लो प्रभु जी।।
जन जन बेहाल प्रभु जी
भीषण अकाल से
कठिन है गुजारा अब तो
पत्तों से छाल से
विपत में निभावे कौन साथ
हमारी सुध लो प्रभु जी
दीनों के नाथ दीनानाथ
हमारी सुध लो प्रभु जी।।
नेत्र हिन पितृ हिन
बालक बेचारा
तुम बिन इस वन में
कौन देगा सहारा
आके पकड़ लो इसका हाथ
हमारी सुध लो प्रभु जी
दीनों के नाथ दीनानाथ
हमारी सुध लो प्रभु जी।।
दूर दिन के मारे दे दे
भए बेसहारे
नारायण प्रभु जी पल में
बिगड़ी सँवारे
जिन्होंने झुकाए सन्मुख माथ
हमारी सुध लो प्रभु जी
दीनों के नाथ दीनानाथ
हमारी सुध लो प्रभु जी।।
दीनो के नाथ दीनानाथ
हमारी सुध लो प्रभु जी।।
देखा भाला है सारा जहां मेरी लाडो सा कोई कहाँ : Dekha Bhala Hai Sara Jaha Meri Lado Sa Koi Kahan

देखा भाला है सारा जहां
मेरी लाडो सा कोई कहाँ
आई मुश्किल कभी जब कोई
पाया अंग संग है मैंने वहां
देखा भाला हैं सारा जहाँ
मेरी लाडो सा कोई कहाँ।।
मेरे मन की हर एक बात को
बिन कहे जान लेती है वो
आने वाली मुसीबत को भी
पहले ही भांप लेती है वो
ऐसी है वो मेरी मेहरबान
ऐसी है वो मेरी मेहरबान
मेरी लाडो सा कोई कहां
देखा भाला हैं सारा जहाँ
मेरी लाडो सा कोई कहाँ।।
मेरी हिम्मत मेरी लाडली
हौसला भी मेरा लाडली
मेरी मंजिल है कृष्णप्रिया
रास्ता भी मेरा लाडली
मेरी धरती मेरा आसमान
मेरी धरती मेरा आसमान
मेरी लाडो सा कोई कहां
देखा भाला हैं सारा जहाँ
मेरी लाडो सा कोई कहाँ।।
तार से तार ऐसी जुड़ी
भेद सारे खत्म हो गए
शांत दुविधा ना कोई रही
दूर सारे भरम हो गए
हो गई जिंदगी खुशनुमा
हो गई जिंदगी खुशनुमा
देखा भाला हैं सारा जहाँ
मेरी लाडो सा कोई कहाँ।।
देखा भाला है सारा जहां
मेरी लाडो सा कोई कहाँ
आई मुश्किल कभी जब कोई
पाया अंग संग है मैंने वहां
देखा भाला हैं सारा जहाँ
मेरी लाडो सा कोई कहाँ।।
राधे राधे कहा कीजिये बैठे चुप ना रहा कीजिये

राधे राधे कहा कीजिये
दोहा – श्री राधा राधा रटो
छोड़ जगत की आस
ब्रज विपिन विचरत रहो
कर वृन्दावन वास।
राधे राधे कहा कीजिये
बैठे चुप ना रहा कीजिए
राधें राधें कहा कीजिए।।
गर आ ही गए हो तुम
बैठे हो कीर्तन में
फिर लाज शरम कैसी
क्या दुविधा में है मन
मौका है गुनगुना लीजिये
मौका है गुनगुना लीजिये
बैठे चुप ना रहा कीजिये
राधें राधें कहा कीजिए।।
श्री नाम रसामृत का
जिसने रसपान किया
श्यामा प्यारी जु ने
उसका कल्याण किया
प्याला मुख से लगा लीजिये
प्याला मुख से लगा लीजिये
बैठे चुप ना रहा कीजिये
राधें राधें कहा कीजिए।।
ये कृष्ण प्रिया राधे
कर दे जो कृपा दृष्टि
सच जानो जीवन में
आनंद की हो वृष्टि
दर्द दिल का सुना लीजिये
दर्द दिल का सुना लीजिये
बैठे चुप ना रहा कीजिए
राधें राधें कहा कीजिए।।
जहाँ शांत पुष्प इनकी
भक्ति के खिलते है
श्री राधा जी के संग
उन्हें कृष्ण भी मिलते है
छवि दिल में बसा लीजिये
छवि दिल में बसा लीजिये
बैठे चुप ना रहा कीजिए
राधें राधें कहा कीजिए।।
राधे राधे कहा कीजिए
बैठे चुप ना रहा कीजिए
राधें राधें कहा कीजिए।।
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