मुकेश बागड़ा के भजन लिरिक्स : Mukesh Bagda Bhajan Lyrics
सब कुछ बदल दे बाबा तकदीर ना बदलना : Sab Kuch Badal De Baba Takdir Na Badalna

सब कुछ बदल दे बाबा
तकदीर ना बदलना
तकदीर में तुम्ही हो
तकदीर में ही रहना
सबकुछ बदल दें बाबा
तकदीर ना बदलना।।
तकदीर है मेरी जो
दरबार तेरा पाया
हरदम बनाए रखना
तेरी कृपा का साया
चौखट का दास हमको
यूं ही बनाए रखना
सबकुछ बदल दें बाबा
तकदीर ना बदलना।।
तकदीर की बदौलत
तुझसा मिला है साथी
जीवन के दीप तुम हो
उस दीप का मैं बाती
भक्ति कि लो कन्हैया
मन में जलाए रखना
सबकुछ बदल दें बाबा
तकदीर ना बदलना।।
तकदीर से मिली है
ये बंदगी तुम्हारी
कर दी है नाम तेरे
ये जिंदगी हमारी
बदले किशन जमाना
पर तुम नहीं बदलना
सबकुछ बदल दें बाबा
तकदीर ना बदलना।।
सब कुछ बदल दे बाबा
तकदीर ना बदलना
तकदीर में तुम्ही हो
तकदीर में ही रहना।।
क्षमा प्रार्थी हूँ क्षमा मुझको कर दो : Kshama Prarthi Hun Kshama Mujhko Kar Do Lyrics

क्षमा प्रार्थी हूँ
क्षमा मुझको कर दो
तुम हो दयालु
तुम हो कृपालु
अपना के सर पे
मेरे हाथ धर दो
क्षमा प्रार्थी हूं
क्षमा मुझको कर दो।।
गलतियां सांवरे
मैंने की है कई
माफी मांगू अगर
वो भी काफी नहीं
दिल तेरा दरिया
मन मेरा पापी
अगर हो सके तो
मेरे पाप हर लो
क्षमा प्रार्थी हूं
क्षमा मुझको कर दो।।
जितनी मर्जी तेरी
तू मुझे डांट ले
ये कहो ना मेरे बिन
उमर काट ले
तू ही तो मेरा
माता पिता है
बेटा समझ के
बाहों में भर लो
क्षमा प्रार्थी हूं
क्षमा मुझको कर दो।।
मेरा वादा है ये
जाऊंगा मैं सुधर
चरणों में रहने दे
मुझको बेघर ना कर
‘सचिन’ बिन तुम्हारे
रह ना सकेगा
सजा मौत की तुम
भले नाम कर दो
क्षमा प्रार्थी हूं
क्षमा मुझको कर दो।।
क्षमा प्रार्थी हूँ
क्षमा मुझको कर दो
तुम हो दयालु
तुम हो कृपालु
अपना के सर पे
मेरे हाथ धर दो
क्षमा प्रार्थी हूं
क्षमा मुझको कर दो।।
खाटू में तेरा द्वारा भक्तों को लगता प्यारा : Khatu Me Tera Dwara Bhakto Ko Lagta Pyara

खाटू में तेरा द्वारा
भक्तों को लगता प्यारा
द्वारे पे आके बाबा
बोले जो भी जयकारा
दर पे जो आए सवाली
भरता है झोली खाली
मैं भी आऊंगा द्वारे
दे जो सहारा
खाटु में तेरा द्वारा
भक्तों को लगता प्यारा।।
तेरे द्वार की महिमा भारी
कहते सब नर नारी
बाबा आऊंगा मैं भी तेरे द्वारे
झोली भरना संकट हरना
जाऊं मैं बलिहारी
बोलूं जोर से जय जयकारे
मेरी बिगड़ी बना
भव से पार लगा
देखे जमाना सारा
तेरा नजारा
खाटु में तेरा द्वारा
भक्तों को लगता प्यारा।।
इस संसार में आकर बाबा
तेरा गुण ना गाया
तो फिर व्यर्थ है जीवन सारा
ना ही तेरा दर्शन पाया
ना ही शीश झुकाया
तो फिर देगा कौन सहारा
अब ना देर लगा
आके दरस दिखा
प्यासी अंखियों को मिल जाए
तेरा नजारा
खाटु में तेरा द्वारा
भक्तों को लगता प्यारा।।
तू ही जग का पालनहारा
भक्तों का रखवाला
तू ही कलयुग का अवतारी
पूजा करते भक्ति करते
नाम तेरा ही रटते
तू ही भक्तों का हितकारी
मुझको अपना बना
तेरा सेवक बना
अंखियों से बरसे ‘अमन’ के
असुवन की धारा
खाटु में तेरा द्वारा
भक्तों को लगता प्यारा।।
खाटू में तेरा द्वारा
भक्तों को लगता प्यारा
द्वारे पे आके बाबा
बोले जो भी जयकारा
दर पे जो आए सवाली
भरता है झोली खाली
मैं भी आऊंगा द्वारे
दे जो सहारा
खाटु में तेरा द्वारा
भक्तों को लगता प्यारा।।
कथा सुनाऊ सबको यह पवनपुत्र बलवान की : Katha Sunau Sabko Mein Pawan Putra Hanuman Ki Lyrics

कथा सुनाऊ सबको
यह पवनपुत्र बलवान की
जय बोलो हनुमान की जय बोलो।।
पवन पुत्र बजरंगबली वो
लाल लंगोटे वाला
सिया राम का परम भक्त वो
जपे राम नाम की माला
राम नाम की धुन में रहता
हरदम वो मतवाला
कोन बिगाड़ सके जग में
जिसका है वो रखवाला
रोम रोम में बसती
जिसके मूरत श्रीराम की
जय बोलो हनुमान की जय बोलो।।
एक समय बजरंगबली के
पास शनि जी आये
कहने लगे मुझे रहने को
आप जगह बतलाये
हनुमान ने कहा क्या जग में
कहीं ठोर नहीं पाए
जो मेरी ही भक्ति में यहाँ
विघन डालने आये
शनिदेव ने समझाई
बाते प्रभु के विधान की
जय बोलो हनुमान की जय बोलो।।
मन में किया विचार बली ने
लगा प्रभु का ध्यान
कैसे टाळ सकूँ इसको जब
है ये प्रभु विधान
शनिदेव बोले कहाँ बैठु
मुझको जगह बतलाओ
हस कर बोले हनुमान
मेरे सिर पर बैठ जाओ
शनिदेव मुस्काये
सुन बाते राम दीवान की
जय बोलो हनुमान की जय बोलो।।
शनिदेव जब सिर पर बैठे
हनुमान मुस्काये
जाकर उत्तराखंड से
एक पहाड़ उठाकर लाये
रखा अपने सर के ऊपर
जब शनिदेव जी घबराए
किस के पाले पड़ गये अब
कैसे छुटकारा पाए
आया था खुश होकर अब
मुश्किल हो गई जान की
जय बोलो हनुमान की जय बोलो।।
नारद जी के कहने से मैं
लेने परीक्षा आया
ऐसी भक्ति और शक्ति का
भेद नहीं था पाया
खुश होकर के देता हूँ
ये शनिवार भी तेरा
तेरे भक्त को कष्ट ना दूंगा
इतना वचन है मेरा
घर-घर में पूजा होती है
मारुती नंदन बलवान की
जय बोलो हनुमान की जय बोलो।।
शनिदेव और हनुमान को
नारद जी मिलवाए
सब ने मिलकर राम नाम की
महिमा के गुण गाये
साईं कृषण कहे हनुमान का
जो कोई ध्यान लगाए
मन की इच्छा पूरी हो और
जीवन भर सुख पाए
हरदम दया रहे फिर
उसपे दया निधान की
जय बोलो हनुमान की जय बोलो।।
कथा सुनाऊ सबको
यह पवनपुत्र बलवान की
जय बोलो हनुमान की जय बोलो।।
झुका हुआ है झुका रहेगा हमारा सर ये तुम्हारे आगे : Jhuka Hua Hai Jhuka Rahega Lyrics

झुका हुआ है झुका रहेगा
हमारा सर ये तुम्हारे आगे
दयालु दूजा नहीं जहां में
कन्हैया मेरे तुम्हारे आगे
झुका हुआ हैं झुका रहेगा
हमारा सर ये तुम्हारी आगे।।
भटक लिया है सारे जहां में
ना कोई तुमसा है इस जहां में
बेरंग लगता है ये जमाना
कन्हैया मेरे तुम्हारे आगे
झुका हुआ हैं झुका रहेगा
हमारा सर ये तुम्हारे आगे।।
दातार ना कोई तुम्हारे जैसा
जो दोगे तुम कोई ना देगा वैसा
दानी कोई ना हुआ जहां में
कन्हैया मेरे तुम्हारे जैसा
झुका हुआ हैं झुका रहेगा
हमारा सर ये तुम्हारे आगे।।
यूं ही ना लाखों तेरे दीवाने
जो बात तुझ में ये वोही जाने
“कृष्ण” को भाये कोई न दूजा
कन्हैया मेरे तुम्हारे आगे
झुका हुआ हैं झुका रहेगा
हमारा सर ये तुम्हारे आगे।।
झुका हुआ है झुका रहेगा
हमारा सर ये तुम्हारे आगे
दयालु दूजा नहीं जहां में
कन्हैया मेरे तुम्हारे आगे
झुका हुआ हैं झुका रहेगा
हमारा सर ये तुम्हारी आगे।।
आज तेरे दरबार जग से हार के आया हूं : Aaj Tere Darbar Jag Se Haar Ke Aaya Hun

आज तेरे दरबार
जग से हार के आया हूं
सुन लो मेरे सरकार
जग से हार के आया हूं।।
मजबूरी गर ना होती तो
मैं नहीं आता मैं नहीं आता
दिन और रात तेरा दरवाजा
मैं नहीं खूड़काता
पड़ी वक्त की मार
जग से हार के आया हूं
सुन लो मेरे सरकार
जग से हार के आया हूं।।
पहले तो सोचा खुद ही
नैया संभालू नैया संभालू
इस मझधार में फंसी ये नैया
खुद ही पार लगा लू
करता हूं स्वीकार
हार मजधार से आया हूं
सुन लो मेरे सरकार
जग से हार के आया हूं।।
कहता ‘पवन’ के तुम ही बताओ
जाऊं कहां मैं जाऊं कहां मैं
ठोकर खाते खाते बाबा
आया हूं यहां मैं
जाऊं किसके द्वार
जग से हार के आया हूं
सुन लो मेरे सरकार
जग से हार के आया हूं।।
आज तेरे दरबार
जग से हार के आया हूं
सुन लो मेरे सरकार
जग से हार के आया हूं।।
सेठ बड़े तुम सांवरा मैं निर्धन कंगाल : Seth Bade Tum Sanware Main Nirdhan Kangal

सेठ बड़े तुम सांवरा
मैं निर्धन कंगाल
यारी हमारी तुम्हारी
बनके रहेगी मिसाल
हो बनके रहेगी मिसाल।।
काम तेरा गिरते को उठाना
हम जैसों की लाज बचाना
बनके सुदामा आया हूँ मैं
भेंट आंसूओं की लाया हूँ मैं
पोछोगे गर ना ये आंसु
दुनिया करेगी सवाल
हो दुनिया करेगी सवाल
सेठ बड़े तुम सांवरे
मैं निर्धन कंगाल
बनके रहेगी मिसाल
हो बनके रहेगी मिसाल।।
तुम्हें ना सुनाऊँ तो किसको सुनाऊँ
घायल दिल क्या चीर दिखाऊ
दर पे तुम्हारे कब से खड़ा हूँ
कभी तो सुनोगे जिद पे अड़ा हूँ
पत्थर दिल भी ना बनो तुम
मना के रहूँगा हर हाल
हो मना के रहूँगा हर हाल
सेठ बड़े तुम सांवरे
मैं निर्धन कंगाल
बनके रहेगी मिसाल
हो बनके रहेगी मिसाल।।
सदियों पुराना ये सिलसिला है
दर पे तुम्हारे सबको मिला है
रीत निभादो आज वही फिर
फिर नहीं जाना वादे से तुम फिर
हारे के तुम हो सहारे
कहते है सभी बार बार
हो कहते है सभी बार बार
सेठ बड़े तुम सांवरे
मैं निर्धन कंगाल
बनके रहेगी मिसाल
हो बनके रहेगी मिसाल।।
सेठ बड़े तुम सांवरा
मैं निर्धन कंगाल
यारी हमारी तुम्हारी
बनके रहेगी मिसाल
हो बनके रहेगी मिसाल।।
भुला नहीं हूँ बाबा मुझको है याद क्या हूँ : Bhula Nahi Hu Baba Mujhko Hai Yaad Kya Hu

भुला नहीं हूँ बाबा
मुझको है याद क्या हूँ
मैं किरपा से पहले क्या था
मैं किरपा से पहले क्या था
और किरपा के बाद क्या हूँ
भुला नही हूं बाबा
मुझको है याद क्या हूँ।।
तू पेड़ है मैं डाली
तुझसे वजूद मेरा
मुझमे जो फल रहा है
सबकुछ है श्याम तेरा
तुझसे जुड़ा रहूं मैं
तुझसे जुड़ा रहूं मैं
बिन तेरे साथ क्या हूँ
भुला नही हूं बाबा
मुझको है याद क्या हूँ।।
तेरा ‘सचिन’ ये बाबा
रस्ता भटक ना जाए
कुछ भी करूँ ना ऐसा
तुझसे ही शर्म आए
औकात मेरी क्या है
औकात मेरी क्या है
रहे याद मुझको क्या हूँ
भुला नही हूं बाबा
मुझको है याद क्या हूँ।।
पाकर नई बुलंदी
इतराऊं श्याम कैसे
तेरी जगह पे ले लूँ
अपना मैं नाम कैसे
मैं जानू तू भी जाने
मैं जानू तू भी जाने
मेरी सारी बात क्या हूँ
भुला नही हूं बाबा
मुझको है याद क्या हूँ।।
भुला नहीं हूँ बाबा
मुझको है याद क्या हूँ
मैं किरपा से पहले क्या था
मैं किरपा से पहले क्या था
और किरपा के बाद क्या हूँ
भुला नही हूं बाबा
मुझको है याद क्या हूँ।।
बुलाने से नहीं आते हमें तुम भूल बैठे हो : Bulane Se Nahi Aate Hame Tum Bhul Baithe Ho

बुलाने से नहीं आते
तो शक ये
तुम पे करते है की
हमें तुम भूल बैठे हो
हमें तुम भूल बैठे हो
शिकायत हम नहीं करते
गुजारिश तुमसे करते है की
हमें तुम भूल बैठे हो
हमें तुम भूल बैठे हो।।
सदाएं दे रहे है हम
सदाएं सुन के आ जाओ
सदाएं सुन के आ जाओ
फकत बस एक झलक अपनी
प्रभु हमको दिखा जाओ
प्रभु हमको दिखा जाओ
अरज हमरी नहीं सुनते
तो मन ही मन में डरते है की
हमें तुम भूल बैठे हो
हमें तुम भूल बैठे हो।।
ये जग रूठे नहीं परवाह
नहीं तुम रूठना हमसे
नहीं तुम रूठना हमसे
हमेशा याद करते है
नहीं तुम भूलना हमको
नहीं तुम भूलना हमको
लगे जब चोट भाव पर
तभी तो भक्त कहते है की
हमें तुम भूल बैठे हो
हमें तुम भूल बैठे हो।।
तड़पते है तुम्हारे बिन
सजा अब और ना देना
सजा अब और ना देना
कहे तुमसे ‘रवि’ भी ये
परीक्षा और ना लेना
परीक्षा और ना लेना
ये मौका फिर नहीं देना
भक्त ये फिर से कह बैठे की
हमें तुम भूल बैठे हो
हमें तुम भूल बैठे हो।।
बुलाने से नहीं आते
तो शक ये
तुम पे करते है की
हमें तुम भूल बैठे हो
हमें तुम भूल बैठे हो
शिकायत हम नहीं करते
गुजारिश तुमसे करते है की
हमें तुम भूल बैठे हो
हमें तुम भूल बैठे हो।।
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